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Kundli GPT

शनिवार, 5 दिसंबर 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शनिवार है। द्वादशी तिथि 00:52 (कल) बजे तक, फिर त्रयोदशी 02:22 (कल) बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 11:48 बजे तक, उसके बाद स्वाति 13:37 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 07:51 बजे तक, फिर शोभन योग 07:40 (कल) बजे तक। कौलव करण 12:15 बजे तक, उसके बाद तैतिल 00:52 (कल) बजे तक, फिर गर 13:34 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:35 से 10:53) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 23:45 अगले दिन 00:52

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • शनिवार

    शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।

  • मार्गशीर्ष · पौष

नक्षत्र · योग · करण

    • चित्रा

      पिछले दिन 10:22 उसी दिन 11:48

    • स्वाति

      उसी दिन 11:48 अगले दिन 13:37

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • सौभाग्य

      पिछले दिन 08:22 उसी दिन 07:51

    • शोभन

      उसी दिन 07:51 अगले दिन 07:40

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • कौलव

      पिछले दिन 23:45 उसी दिन 12:15

    • तैतिल

      उसी दिन 12:15 अगले दिन 00:52

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · शनि

00 06 12 18 काल · 06:59 – 08:17 शुभ · 08:17 – 09:35 रोग · 09:35 – 10:53 उद्वेग · 10:53 – 12:11 चल · 12:11 – 13:29 लाभ · 13:29 – 14:47 अमृत · 14:47 – 16:05 काल · 16:05 – 17:23 काल · 17:23 – 19:05 लाभ · 19:05 – 20:47 उद्वेग · 20:47 – 22:29 शुभ · 22:29 – 00:11 अमृत · 00:11 – 01:53 चल · 01:53 – 03:35 रोग · 03:35 – 05:17 काल · 05:17 – 06:59 काल · 06:59 – 08:17 चल · 08:17 – 09:35 उद्योग · 09:35 – 10:53 अमृत · 10:53 – 12:11 लाभ · 12:11 – 13:29 रोग · 13:29 – 14:47 शुभ · 14:47 – 16:05 शून्य · 16:05 – 17:23 अमृत · 17:23 – 19:05 रोग · 19:05 – 20:47 शून्य · 20:47 – 22:29 उद्योग · 22:29 – 00:11 शुभ · 00:11 – 01:53 लाभ · 01:53 – 03:35 चल · 03:35 – 05:17 काल · 05:17 – 06:59 ब्रह्म मुहूर्त · 05:10 – 06:04 अभिजित मुहूर्त · 11:50 – 12:32 अमृत काल · 05:01 – 06:43 राहु काल · 09:35 – 10:53 यमगण्ड काल · 13:29 – 14:47 गुलिक काल · 06:59 – 08:17 वर्ज्यम् · 18:50 – 20:32 शनि · 06:59 – 07:51 गुरु · 07:51 – 08:43 मंगल · 08:43 – 09:35 सूर्य · 09:35 – 10:27 शुक्र · 10:27 – 11:19 बुध · 11:19 – 12:11 चंद्र · 12:11 – 13:03 शनि · 13:03 – 13:55 गुरु · 13:55 – 14:47 मंगल · 14:47 – 15:39 सूर्य · 15:39 – 16:31 शुक्र · 16:31 – 17:23 बुध · 17:23 – 18:31 चंद्र · 18:31 – 19:39 शनि · 19:39 – 20:47 गुरु · 20:47 – 21:55 मंगल · 21:55 – 23:03 सूर्य · 23:03 – 00:11 शुक्र · 00:11 – 01:19 बुध · 01:19 – 02:27 चंद्र · 02:27 – 03:35 शनि · 03:35 – 04:43 गुरु · 04:43 – 05:51 मंगल · 05:51 – 06:59

5 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:59
08:17
09:35
10:53
12:11
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
06:59
08:17
09:35
10:53
12:11
13:29
14:47
16:05

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:23
19:05
20:47
22:29
00:11
01:53
03:35
05:17
05:10 06:04
11:50 12:32
05:01 06:43
09:35 10:53
13:29 14:47
06:59 08:17
18:50 20:32

दिन के घंटे

12 · 52 मि
06:59
07:51
08:43
09:35
10:27
11:19
12:11
13:03
13:55
14:47
15:39
16:31

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:23
18:31
19:39
20:47
21:55
23:03
00:11
01:19
02:27
03:35
04:43
05:51

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
5 दिसंबर 2026 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
5 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
5 दिसंबर 2026 का नक्षत्र चित्रा और योग सौभाग्य है।
5 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 06:59 पर तथा सूर्यास्त 17:23 पर होगा।
5 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 09:35–10:53 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।