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रविवार, 7 दिसंबर 2025

दैनिक पंचांग

  • संकष्टी चतुर्थी
चिंतन का दिन

आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। आज संकष्टी चतुर्थी व्रत रखा जाता है। तृतीया तिथि शाम तक है, फिर चतुर्थी शुरू होगी। तृतीया शुभ तिथि है, यात्रा और उत्सव के लिए अच्छी। चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में कल तड़के तक है, फिर पुष्य में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:51 से 12:33 बजे तक, और राहु काल में न करें, 16:06 से 17:24 बजे तक। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।

इस तिथि के पर्व

रविवार, 7 दिसंबर

संकष्टी चतुर्थी

व्रत

चंद्रोदय19:55

व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है; दिन वही है जिस दिन चतुर्थी रहते चंद्रोदय हो।

गणेश जी का मासिक व्रत — उस कृष्ण चतुर्थी को, जिस दिन चंद्रोदय के समय तिथि विद्यमान हो। भक्त सूर्योदय से उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं; हर मास की संकष्टी का अपना नाम है, और मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन 21:26 उसी दिन 18:25 तक

    • फिर

      कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन 18:25 अगले दिन 16:03

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तमार्गशीर्ष
    पूर्णिमान्तपौष

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु · पाद 1

      उसी दिन 06:12 अगले दिन 04:11 तक

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • शुक्ल

      पिछले दिन 23:44 उसी दिन 20:06 तक

    • फिर

      ब्रह्म

      उसी दिन 20:06 अगले दिन 17:00

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन 21:26 उसी दिन 07:51 तक

    • फिर

      विष्टि

      उसी दिन 07:51 उसी दिन 18:25

    • फिर

      बव

      उसी दिन 18:25 अगले दिन 05:08

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · रवि

00061218उद्वेग · 07:00 – 08:18चल · 08:18 – 09:36लाभ · 09:36 – 10:54अमृत · 10:54 – 12:12काल · 12:12 – 13:30शुभ · 13:30 – 14:48रोग · 14:48 – 16:06उद्वेग · 16:06 – 17:24शुभ · 17:24 – 19:06अमृत · 19:06 – 20:48चल · 20:48 – 22:30रोग · 22:30 – 00:12काल · 00:12 – 01:55लाभ · 01:55 – 03:37उद्वेग · 03:37 – 05:19शुभ · 05:19 – 07:01उद्योग · 07:00 – 08:18अमृत · 08:18 – 09:36काल · 09:36 – 10:54शुभ · 10:54 – 12:12रोग · 12:12 – 13:30शून्य · 13:30 – 14:48लाभ · 14:48 – 16:06चल · 16:06 – 17:24शून्य · 17:24 – 19:06लाभ · 19:06 – 20:48चल · 20:48 – 22:30रोग · 22:30 – 00:12काल · 00:12 – 01:55शुभ · 01:55 – 03:37अमृत · 03:37 – 05:19उद्योग · 05:19 – 07:01ब्रह्म मुहूर्त · 05:11 – 06:06अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:33अमृत काल · 01:59 – 03:27राहु काल · 16:06 – 17:24यमगण्ड काल · 12:12 – 13:30गुलिक काल · 14:48 – 16:06वर्ज्यम् · 17:12 – 18:39सूर्य · 07:00 – 07:52शुक्र · 07:52 – 08:44बुध · 08:44 – 09:36चंद्र · 09:36 – 10:28शनि · 10:28 – 11:20गुरु · 11:20 – 12:12मंगल · 12:12 – 13:04सूर्य · 13:04 – 13:56शुक्र · 13:56 – 14:48बुध · 14:48 – 15:40चंद्र · 15:40 – 16:32शनि · 16:32 – 17:24गुरु · 17:24 – 18:32मंगल · 18:32 – 19:40सूर्य · 19:40 – 20:48शुक्र · 20:48 – 21:56बुध · 21:56 – 23:04चंद्र · 23:04 – 00:12शनि · 00:12 – 01:21गुरु · 01:21 – 02:29मंगल · 02:29 – 03:37सूर्य · 03:37 – 04:45शुक्र · 04:45 – 05:53बुध · 05:53 – 07:01

7 दिस॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:00
08:18
09:36
10:54
12:12
13:30
14:48
16:06

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:24
19:06
20:48
22:30
00:12
01:55
03:37
05:19

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:00
08:18
09:36
10:54
12:12
13:30
14:48
16:06

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:24
19:06
20:48
22:30
00:12
01:55
03:37
05:19
05:11→06:06
11:51→12:33
01:59→03:27
16:06→17:24
12:12→13:30
14:48→16:06
17:12→18:39

दिन के घंटे

12·52 मि
07:00
07:52
08:44
09:36
10:28
11:20
12:12
13:04
13:56
14:48
15:40
16:32

रात के घंटे

12·1 घं 8 मि
17:24
18:32
19:40
20:48
21:56
23:04
00:12
01:21
02:29
03:37
04:45
05:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 दिसंबर 2025 की तिथि क्या है?
7 दिसंबर 2025 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
7 दिसंबर 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 दिसंबर 2025 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग शुक्ल है।
7 दिसंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:00 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
7 दिसंबर 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 16:06–17:24 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।