सोमवार, 7 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। चतुर्दशी तिथि 04:12 (कल) बजे तक, फिर अमावस्या 06:21 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 15:47 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 18:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग अतिगण्ड 07:45 बजे तक, फिर सुकर्मा योग 08:05 (कल) बजे तक। विष्टि करण 15:15 बजे तक, उसके बाद शकुनि 04:12 (कल) बजे तक, फिर चतुष्पाद 17:15 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:18 से 09:36) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन 02:22 अगले दिन 04:12
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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मार्गशीर्ष · पौष
नक्षत्र · योग · करण
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विशाखा
पिछले दिन 13:37 उसी दिन 15:47
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अनुराधा
उसी दिन 15:47 अगले दिन 18:15
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
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अतिगण्ड
पिछले दिन 07:40 उसी दिन 07:45
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सुकर्मा
उसी दिन 07:45 अगले दिन 08:05
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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विष्टि
उसी दिन 02:22 उसी दिन 15:15
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शकुनि
उसी दिन 15:15 अगले दिन 04:12
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · सोम
7 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:00 08:18 | ||
| 08:18 09:36 | ||
| 09:36 10:54 | ||
| 10:54 12:12 | ||
| 12:12 13:30 | ||
| 13:30 14:48 | ||
| 14:48 16:06 | ||
| 16:06 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:24 19:06 | ||
| 19:06 20:48 | ||
| 20:48 22:30 | ||
| 22:30 00:12 | ||
| 00:12 01:54 | ||
| 01:54 03:37 | ||
| 03:37 05:19 | ||
| 05:19 07:01 |
दिन के समय
8 · 1 घं 18 मि| 07:00 08:18 | ||
| 08:18 09:36 | ||
| 09:36 10:54 | ||
| 10:54 12:12 | ||
| 12:12 13:30 | ||
| 13:30 14:48 | ||
| 14:48 16:06 | ||
| 16:06 17:24 |
रात के समय
8 · 1 घं 42 मि| 17:24 19:06 | ||
| 19:06 20:48 | ||
| 20:48 22:30 | ||
| 22:30 00:12 | ||
| 00:12 01:54 | ||
| 01:54 03:37 | ||
| 03:37 05:19 | ||
| 05:19 07:01 |
| 05:11 → 06:06 | ||
| 11:51 → 12:33 | ||
| 06:11 → 07:56 | ||
| 08:18 → 09:36 | ||
| 10:54 → 12:12 | ||
| 13:30 → 14:48 | ||
| 19:43 → 21:28 |
दिन के घंटे
12 · 52 मि| 07:00 07:52 | ||
| 07:52 08:44 | ||
| 08:44 09:36 | ||
| 09:36 10:28 | ||
| 10:28 11:20 | ||
| 11:20 12:12 | ||
| 12:12 13:04 | ||
| 13:04 13:56 | ||
| 13:56 14:48 | ||
| 14:48 15:40 | ||
| 15:40 16:32 | ||
| 16:32 17:24 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 8 मि| 17:24 18:32 | ||
| 18:32 19:40 | ||
| 19:40 20:48 | ||
| 20:48 21:56 | ||
| 21:56 23:04 | ||
| 23:04 00:12 | ||
| 00:12 01:20 | ||
| 01:20 02:28 | ||
| 02:28 03:37 | ||
| 03:37 04:45 | ||
| 04:45 05:53 | ||
| 05:53 07:01 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 7 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 7 दिसंबर 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 7 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 7 दिसंबर 2026 का नक्षत्र विशाखा और योग अतिगण्ड है।
- 7 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:00 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 7 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:18–09:36 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।