मंगलवार, 8 दिसंबर 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। अमावस्या तिथि 06:21 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 08:46 (कल) बजे तक रहेगी। अनुराधा नक्षत्र 18:15 बजे तक, उसके बाद ज्येष्ठा 20:59 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 08:05 बजे तक, फिर धृति योग 08:38 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 17:15 बजे तक, उसके बाद नाग 06:21 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 19:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:48 से 16:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृश्चिक राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक कार्तिक
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
अमावस्या
उसी दिन04:12अगले दिन06:21
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तकार्तिकपूर्णिमान्तमार्गशीर्ष
नक्षत्र · योग · करण
अनुराधा
पिछले दिन15:47उसी दिन18:15
ज्येष्ठा
उसी दिन18:15अगले दिन20:59
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
सुकर्मा
पिछले दिन07:45उसी दिन08:05
धृति
उसी दिन08:05अगले दिन08:38
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
चतुष्पाद
उसी दिन04:12उसी दिन17:15
नाग
उसी दिन17:15अगले दिन06:21
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
अमावस्या · मंगल
8 दिस॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:0108:19 | ||
| 08:1909:37 | ||
| 09:3710:55 | ||
| 10:5512:12 | ||
| 12:1213:30 | ||
| 13:3014:48 | ||
| 14:4816:06 | ||
| 16:0617:24 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:31 | ||
| 22:3100:13 | ||
| 00:1301:55 | ||
| 01:5503:37 | ||
| 03:3705:19 | ||
| 05:1907:02 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:0108:19 | ||
| 08:1909:37 | ||
| 09:3710:55 | ||
| 10:5512:12 | ||
| 12:1213:30 | ||
| 13:3014:48 | ||
| 14:4816:06 | ||
| 16:0617:24 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:2419:06 | ||
| 19:0620:48 | ||
| 20:4822:31 | ||
| 22:3100:13 | ||
| 00:1301:55 | ||
| 01:5503:37 | ||
| 03:3705:19 | ||
| 05:1907:02 |
| 05:12→06:06 | ||
| 11:52→12:33 | ||
| 06:47→08:33 | ||
| 14:48→16:06 | ||
| 09:37→10:55 | ||
| 12:12→13:30 | ||
| 20:12→21:58 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:0107:53 | ||
| 07:5308:45 | ||
| 08:4509:37 | ||
| 09:3710:29 | ||
| 10:2911:20 | ||
| 11:2012:12 | ||
| 12:1213:04 | ||
| 13:0413:56 | ||
| 13:5614:48 | ||
| 14:4815:40 | ||
| 15:4016:32 | ||
| 16:3217:24 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:2418:32 | ||
| 18:3219:40 | ||
| 19:4020:48 | ||
| 20:4821:56 | ||
| 21:5623:05 | ||
| 23:0500:13 | ||
| 00:1301:21 | ||
| 01:2102:29 | ||
| 02:2903:37 | ||
| 03:3704:45 | ||
| 04:4505:53 | ||
| 05:5307:02 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 दिसंबर 2026 की तिथि क्या है?
- 8 दिसंबर 2026 की तिथि अमावस्या है।
- 8 दिसंबर 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 8 दिसंबर 2026 का नक्षत्र अनुराधा और योग सुकर्मा है।
- 8 दिसंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:01 पर तथा सूर्यास्त 17:24 पर होगा।
- 8 दिसंबर 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:48–16:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

