रविवार, 25 फ़रवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। प्रतिपदा तिथि 20:36 बजे तक, फिर द्वितीया 23:16 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 01:23 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 04:30 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सुकर्मा 14:27 बजे तक, फिर धृति योग 15:26 (कल) बजे तक। बालव करण 07:17 बजे तक, उसके बाद कौलव 20:36 बजे तक, फिर तैतिल 09:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:52 से 18:17) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण प्रतिपदा
पिछले दिन18:00उसी दिन20:36
कृष्ण द्वितीया
उसी दिन20:36अगले दिन23:16
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व फाल्गुनी · पाद 2
पिछले दिन22:20अगले दिन01:23
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
सुकर्मा
पिछले दिन13:33उसी दिन14:27
धृति
उसी दिन14:27अगले दिन15:26
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन18:00उसी दिन07:17
कौलव
उसी दिन07:17उसी दिन20:36
तैतिल
उसी दिन20:36अगले दिन09:56
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण प्रतिपदा · रवि
25 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5108:16 | ||
| 08:1609:42 | ||
| 09:4211:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:52 | ||
| 16:5218:17 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1719:51 | ||
| 19:5121:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:33 | ||
| 00:3302:08 | ||
| 02:0803:42 | ||
| 03:4205:16 | ||
| 05:1606:50 |
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5108:16 | ||
| 08:1609:42 | ||
| 09:4211:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:52 | ||
| 16:5218:17 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1719:51 | ||
| 19:5121:25 | ||
| 21:2522:59 | ||
| 22:5900:33 | ||
| 00:3302:08 | ||
| 02:0803:42 | ||
| 03:4205:16 | ||
| 05:1606:50 |
| 05:10→06:00 | ||
| 12:11→12:57 | ||
| 18:10→19:59 | ||
| 16:52→18:17 | ||
| 12:34→14:00 | ||
| 15:26→16:52 | ||
| 07:21→09:09 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:5107:48 | ||
| 07:4808:45 | ||
| 08:4509:42 | ||
| 09:4210:40 | ||
| 10:4011:37 | ||
| 11:3712:34 | ||
| 12:3413:31 | ||
| 13:3114:28 | ||
| 14:2815:26 | ||
| 15:2616:23 | ||
| 16:2317:20 | ||
| 17:2018:17 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 18:1719:20 | ||
| 19:2020:23 | ||
| 20:2321:25 | ||
| 21:2522:28 | ||
| 22:2823:31 | ||
| 23:3100:33 | ||
| 00:3301:36 | ||
| 01:3602:39 | ||
| 02:3903:42 | ||
| 03:4204:44 | ||
| 04:4405:47 | ||
| 05:4706:50 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 25 फ़रवरी 2024 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
- 25 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 25 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग सुकर्मा है।
- 25 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:51 पर तथा सूर्यास्त 18:17 पर होगा।
- 25 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:52–18:17 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

