मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। द्वादशी तिथि 12:47 बजे तक, फिर त्रयोदशी 11:08 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 18:30 बजे तक, उसके बाद श्रवण 17:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 08:13 बजे तक, फिर वरीयान् योग 05:49 (कल) बजे तक। तैतिल करण 12:47 बजे तक, उसके बाद गर 00:03 (कल) बजे तक, फिर वणिज 11:08 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:26 से 16:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण द्वादशी
पिछले दिन13:45उसी दिन12:47
कृष्ण त्रयोदशी
उसी दिन12:47अगले दिन11:08
द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन18:58उसी दिन18:30
श्रवण
उसी दिन18:30अगले दिन17:22
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
व्यतीपात
पिछले दिन10:04उसी दिन08:13
वरीयान्
उसी दिन08:13अगले दिन05:49
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
उसी दिन01:22उसी दिन12:47
गर
उसी दिन12:47अगले दिन00:03
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वादशी · मंगल
25 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5008:16 | ||
| 08:1609:42 | ||
| 09:4211:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:52 | ||
| 16:5218:18 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1819:52 | ||
| 19:5221:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:07 | ||
| 02:0703:41 | ||
| 03:4105:15 | ||
| 05:1506:49 |
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:5008:16 | ||
| 08:1609:42 | ||
| 09:4211:08 | ||
| 11:0812:34 | ||
| 12:3414:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:52 | ||
| 16:5218:18 |
रात के समय
8·1 घं 34 मि| 18:1819:52 | ||
| 19:5221:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:07 | ||
| 02:0703:41 | ||
| 03:4105:15 | ||
| 05:1506:49 |
| 05:09→06:00 | ||
| 12:11→12:57 | ||
| 12:13→13:48 | ||
| 15:26→16:52 | ||
| 09:42→11:08 | ||
| 12:34→14:00 | ||
| 02:49→04:23 |
दिन के घंटे
12·57 मि| 06:5007:47 | ||
| 07:4708:44 | ||
| 08:4409:42 | ||
| 09:4210:39 | ||
| 10:3911:37 | ||
| 11:3712:34 | ||
| 12:3413:31 | ||
| 13:3114:29 | ||
| 14:2915:26 | ||
| 15:2616:23 | ||
| 16:2317:21 | ||
| 17:2118:18 |
रात के घंटे
12·1 घं 3 मि| 18:1819:20 | ||
| 19:2020:23 | ||
| 20:2321:26 | ||
| 21:2622:28 | ||
| 22:2823:31 | ||
| 23:3100:33 | ||
| 00:3301:36 | ||
| 01:3602:39 | ||
| 02:3903:41 | ||
| 03:4104:44 | ||
| 04:4405:46 | ||
| 05:4606:49 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 25 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 25 फ़रवरी 2025 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
- 25 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 25 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग व्यतीपात है।
- 25 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:50 पर तथा सूर्यास्त 18:18 पर होगा।
- 25 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:26–16:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

