गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। दशमी तिथि 00:33 (कल) बजे तक, फिर एकादशी 22:33 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 12:10 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 10:48 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 22:32 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 19:42 (कल) बजे तक। तैतिल करण 13:37 बजे तक, उसके बाद गर 00:33 (कल) बजे तक, फिर वणिज 11:32 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:00 से 15:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल दशमी
उसी दिन 02:41 अगले दिन 00:33
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
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फाल्गुन · चैत्र
नक्षत्र · योग · करण
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मृगशिरा
पिछले दिन 13:38 उसी दिन 12:10
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आर्द्रा
उसी दिन 12:10 अगले दिन 10:48
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
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प्रीति
उसी दिन 01:27 उसी दिन 22:32
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आयुष्मान्
उसी दिन 22:32 अगले दिन 19:42
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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तैतिल
उसी दिन 02:41 उसी दिन 13:37
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गर
उसी दिन 13:37 अगले दिन 00:33
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल दशमी · गुरु
26 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 26 मि| 06:49 08:15 | ||
| 08:15 09:41 | ||
| 09:41 11:08 | ||
| 11:08 12:34 | ||
| 12:34 14:00 | ||
| 14:00 15:26 | ||
| 15:26 16:52 | ||
| 16:52 18:18 |
रात के समय
8 · 1 घं 34 मि| 18:18 19:52 | ||
| 19:52 21:26 | ||
| 21:26 23:00 | ||
| 23:00 00:33 | ||
| 00:33 02:07 | ||
| 02:07 03:41 | ||
| 03:41 05:14 | ||
| 05:14 06:48 |
दिन के समय
8 · 1 घं 26 मि| 06:49 08:15 | ||
| 08:15 09:41 | ||
| 09:41 11:08 | ||
| 11:08 12:34 | ||
| 12:34 14:00 | ||
| 14:00 15:26 | ||
| 15:26 16:52 | ||
| 16:52 18:18 |
रात के समय
8 · 1 घं 34 मि| 18:18 19:52 | ||
| 19:52 21:26 | ||
| 21:26 23:00 | ||
| 23:00 00:33 | ||
| 00:33 02:07 | ||
| 02:07 03:41 | ||
| 03:41 05:14 | ||
| 05:14 06:48 |
| 05:09 → 05:59 | ||
| 12:11 → 12:57 | ||
| 03:54 → 05:25 | ||
| 14:00 → 15:26 | ||
| 06:49 → 08:15 | ||
| 09:41 → 11:08 | ||
| 18:53 → 20:24 |
दिन के घंटे
12 · 57 मि| 06:49 07:46 | ||
| 07:46 08:44 | ||
| 08:44 09:41 | ||
| 09:41 10:39 | ||
| 10:39 11:36 | ||
| 11:36 12:34 | ||
| 12:34 13:31 | ||
| 13:31 14:29 | ||
| 14:29 15:26 | ||
| 15:26 16:24 | ||
| 16:24 17:21 | ||
| 17:21 18:18 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 2 मि| 18:18 19:21 | ||
| 19:21 20:23 | ||
| 20:23 21:26 | ||
| 21:26 22:28 | ||
| 22:28 23:31 | ||
| 23:31 00:33 | ||
| 00:33 01:36 | ||
| 01:36 02:38 | ||
| 02:38 03:41 | ||
| 03:41 04:43 | ||
| 04:43 05:46 | ||
| 05:46 06:48 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 फ़रवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 26 फ़रवरी 2026 की तिथि शुक्ल दशमी है।
- 26 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 26 फ़रवरी 2026 का नक्षत्र मृगशिरा और योग प्रीति है।
- 26 फ़रवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:49 पर तथा सूर्यास्त 18:18 पर होगा।
- 26 फ़रवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:00–15:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।