बुधवार, 28 फ़रवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। चतुर्थी तिथि 04:19 (कल) बजे तक, फिर पंचमी 06:22 (कल) बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र 07:32 बजे तक, उसके बाद चित्रा 10:21 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 17:16 बजे तक, फिर वृद्धि योग 17:55 (कल) बजे तक। बव करण 15:08 बजे तक, उसके बाद बालव 04:19 (कल) बजे तक, फिर कौलव 17:24 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:33 से 14:00) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन01:53अगले दिन04:19
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
हस्त
पिछले दिन04:30उसी दिन07:32
चित्रा
उसी दिन07:32अगले दिन10:21
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
गण्ड
पिछले दिन16:24उसी दिन17:16
वृद्धि
उसी दिन17:16अगले दिन17:55
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बव
उसी दिन01:53उसी दिन15:08
बालव
उसी दिन15:08अगले दिन04:19
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · बुध
28 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:4808:14 | ||
| 08:1409:41 | ||
| 09:4111:07 | ||
| 11:0712:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:53 | ||
| 16:5318:19 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:1919:53 | ||
| 19:5321:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:40 | ||
| 03:4005:13 | ||
| 05:1306:47 |
दिन के समय
8·1 घं 26 मि| 06:4808:14 | ||
| 08:1409:41 | ||
| 09:4111:07 | ||
| 11:0712:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:26 | ||
| 15:2616:53 | ||
| 16:5318:19 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:1919:53 | ||
| 19:5321:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:40 | ||
| 03:4005:13 | ||
| 05:1306:47 |
| 05:08→05:58 | ||
| 00:47→02:35 | ||
| 12:33→14:00 | ||
| 08:14→09:41 | ||
| 11:07→12:33 | ||
| 13:58→15:46 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:4807:45 | ||
| 07:4508:43 | ||
| 08:4309:41 | ||
| 09:4110:38 | ||
| 10:3811:36 | ||
| 11:3612:33 | ||
| 12:3313:31 | ||
| 13:3114:29 | ||
| 14:2915:26 | ||
| 15:2616:24 | ||
| 16:2417:22 | ||
| 17:2218:19 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 18:1919:22 | ||
| 19:2220:24 | ||
| 20:2421:26 | ||
| 21:2622:28 | ||
| 22:2823:31 | ||
| 23:3100:33 | ||
| 00:3301:35 | ||
| 01:3502:37 | ||
| 02:3703:40 | ||
| 03:4004:42 | ||
| 04:4205:44 | ||
| 05:4406:47 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 28 फ़रवरी 2024 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 28 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 28 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र हस्त और योग गण्ड है।
- 28 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:48 पर तथा सूर्यास्त 18:19 पर होगा।
- 28 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:33–14:00 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

