शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। प्रतिपदा तिथि 03:16 (कल) बजे तक, फिर द्वितीया 00:09 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 13:39 बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 11:22 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सिद्ध 20:06 बजे तक, फिर साध्य योग 16:23 (कल) बजे तक। किंस्तुघ्न करण 16:47 बजे तक, उसके बाद बव 03:16 (कल) बजे तक, फिर बालव 13:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:07 से 12:33) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य कुम्भ राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक फाल्गुन
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
उसी दिन06:14अगले दिन03:16
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तफाल्गुनपूर्णिमान्तफाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
शतभिषा
पिछले दिन15:43उसी दिन13:39
पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन13:39अगले दिन11:22
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
सिद्ध
पिछले दिन23:40उसी दिन20:06
साध्य
उसी दिन20:06अगले दिन16:23
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
किंस्तुघ्न
उसी दिन06:14उसी दिन16:47
बव
उसी दिन16:47अगले दिन03:16
स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · शुक्र
28 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:4708:13 | ||
| 08:1309:40 | ||
| 09:4011:07 | ||
| 11:0712:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:27 | ||
| 15:2716:53 | ||
| 16:5318:20 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:2019:53 | ||
| 19:5321:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:39 | ||
| 03:3905:13 | ||
| 05:1306:46 |
दिन के समय
8·1 घं 27 मि| 06:4708:13 | ||
| 08:1309:40 | ||
| 09:4011:07 | ||
| 11:0712:33 | ||
| 12:3314:00 | ||
| 14:0015:27 | ||
| 15:2716:53 | ||
| 16:5318:20 |
रात के समय
8·1 घं 33 मि| 18:2019:53 | ||
| 19:5321:26 | ||
| 21:2623:00 | ||
| 23:0000:33 | ||
| 00:3302:06 | ||
| 02:0603:39 | ||
| 03:3905:13 | ||
| 05:1306:46 |
| 05:07→05:57 | ||
| 12:10→12:56 | ||
| 07:04→08:32 | ||
| 11:07→12:33 | ||
| 15:27→16:53 | ||
| 08:13→09:40 | ||
| 22:18→23:46 |
दिन के घंटे
12·58 मि| 06:4707:45 | ||
| 07:4508:42 | ||
| 08:4209:40 | ||
| 09:4010:38 | ||
| 10:3811:36 | ||
| 11:3612:33 | ||
| 12:3313:31 | ||
| 13:3114:29 | ||
| 14:2915:27 | ||
| 15:2716:24 | ||
| 16:2417:22 | ||
| 17:2218:20 |
रात के घंटे
12·1 घं 2 मि| 18:2019:22 | ||
| 19:2220:24 | ||
| 20:2421:26 | ||
| 21:2622:29 | ||
| 22:2923:31 | ||
| 23:3100:33 | ||
| 00:3301:35 | ||
| 01:3502:37 | ||
| 02:3703:39 | ||
| 03:3904:41 | ||
| 04:4105:44 | ||
| 05:4406:46 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 28 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 28 फ़रवरी 2025 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 28 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 28 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र शतभिषा और योग सिद्ध है।
- 28 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 06:47 पर तथा सूर्यास्त 18:20 पर होगा।
- 28 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:07–12:33 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

