रविवार, 4 फ़रवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। नवमी तिथि 17:50 बजे तक, फिर दशमी 17:25 (कल) बजे तक रहेगी। विशाखा नक्षत्र 07:20 बजे तक, उसके बाद अनुराधा 07:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वृद्धि 12:11 बजे तक, फिर ध्रुव योग 10:51 (कल) बजे तक। गर करण 17:50 बजे तक, उसके बाद वणिज 05:44 (कल) बजे तक, फिर विष्टि 17:25 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:40 से 18:02) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण नवमी
पिछले दिन17:21उसी दिन17:50
कृष्ण दशमी
उसी दिन17:50अगले दिन17:25
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
विशाखा
पिछले दिन05:56उसी दिन07:20
अनुराधा
उसी दिन07:20अगले दिन07:53
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
वृद्धि
पिछले दिन12:50उसी दिन12:11
ध्रुव
उसी दिन12:11अगले दिन10:51
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
उसी दिन05:42उसी दिन17:50
वणिज
उसी दिन17:50अगले दिन05:44
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण नवमी · रवि
4 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 07:0708:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:56 | ||
| 13:5615:18 | ||
| 15:1816:40 | ||
| 16:4018:02 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 18:0219:40 | ||
| 19:4021:18 | ||
| 21:1822:56 | ||
| 22:5600:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:51 | ||
| 03:5105:29 | ||
| 05:2907:07 |
दिन के समय
8·1 घं 22 मि| 07:0708:29 | ||
| 08:2909:51 | ||
| 09:5111:13 | ||
| 11:1312:35 | ||
| 12:3513:56 | ||
| 13:5615:18 | ||
| 15:1816:40 | ||
| 16:4018:02 |
रात के समय
8·1 घं 38 मि| 18:0219:40 | ||
| 19:4021:18 | ||
| 21:1822:56 | ||
| 22:5600:34 | ||
| 00:3402:12 | ||
| 02:1203:51 | ||
| 03:5105:29 | ||
| 05:2907:07 |
| 05:23→06:15 | ||
| 12:13→12:56 | ||
| 22:01→23:43 | ||
| 16:40→18:02 | ||
| 12:35→13:56 | ||
| 15:18→16:40 | ||
| 11:52→13:33 |
दिन के घंटे
12·55 मि| 07:0708:02 | ||
| 08:0208:57 | ||
| 08:5709:51 | ||
| 09:5110:46 | ||
| 10:4611:40 | ||
| 11:4012:35 | ||
| 12:3513:29 | ||
| 13:2914:24 | ||
| 14:2415:18 | ||
| 15:1816:13 | ||
| 16:1317:07 | ||
| 17:0718:02 |
रात के घंटे
12·1 घं 5 मि| 18:0219:07 | ||
| 19:0720:13 | ||
| 20:1321:18 | ||
| 21:1822:23 | ||
| 22:2323:29 | ||
| 23:2900:34 | ||
| 00:3401:40 | ||
| 01:4002:45 | ||
| 02:4503:51 | ||
| 03:5104:56 | ||
| 04:5606:01 | ||
| 06:0107:07 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 4 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 4 फ़रवरी 2024 की तिथि कृष्ण नवमी है।
- 4 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 4 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र विशाखा और योग वृद्धि है।
- 4 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:07 पर तथा सूर्यास्त 18:02 पर होगा।
- 4 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 16:40–18:02 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

