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सोमवार, 5 फ़रवरी 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। दशमी तिथि शाम तक है, फिर षटतिला एकादशी शुरू होगी। दशमी स्थिर तिथि है, अधिकतर कामों के लिए शुभ। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर ज्येष्ठा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:13 से 12:57 बजे तक, और राहु काल में न करें, 08:29 से 09:51 बजे तक। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण दशमी

      पिछले दिन 17:50 उसी दिन 17:25 तक

    • फिर

      षटतिला एकादशी

      उसी दिन 17:25 अगले दिन 16:07

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • अनुराधा

      पिछले दिन 07:20 उसी दिन 07:53 तक

    • फिर

      ज्येष्ठा

      उसी दिन 07:53 अगले दिन 07:34

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 12:11 उसी दिन 10:51 तक

    • फिर

      व्याघात

      उसी दिन 10:51 अगले दिन 08:49

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      उसी दिन 05:44 उसी दिन 17:25 तक

    • फिर

      बव

      उसी दिन 17:25 अगले दिन 04:52

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण दशमी · सोम

00061218अमृत · 07:07 – 08:29काल · 08:29 – 09:51शुभ · 09:51 – 11:13रोग · 11:13 – 12:35उद्वेग · 12:35 – 13:57चल · 13:57 – 15:19लाभ · 15:19 – 16:41अमृत · 16:41 – 18:03चल · 18:03 – 19:41रोग · 19:41 – 21:19काल · 21:19 – 22:56लाभ · 22:56 – 00:34उद्वेग · 00:34 – 02:12शुभ · 02:12 – 03:50अमृत · 03:50 – 05:28चल · 05:28 – 07:06चल · 07:07 – 08:29लाभ · 08:29 – 09:51शून्य · 09:51 – 11:13रोग · 11:13 – 12:35शुभ · 12:35 – 13:57काल · 13:57 – 15:19अमृत · 15:19 – 16:41उद्योग · 16:41 – 18:03उद्योग · 18:03 – 19:41अमृत · 19:41 – 21:19शुभ · 21:19 – 22:56काल · 22:56 – 00:34रोग · 00:34 – 02:12चल · 02:12 – 03:50लाभ · 03:50 – 05:28शून्य · 05:28 – 07:06ब्रह्म मुहूर्त · 05:22 – 06:14अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57अमृत काल · 21:15 – 22:53राहु काल · 08:29 – 09:51यमगण्ड काल · 11:13 – 12:35गुलिक काल · 13:57 – 15:19वर्ज्यम् · 11:25 – 13:04चंद्र · 07:07 – 08:01शनि · 08:01 – 08:56गुरु · 08:56 – 09:51मंगल · 09:51 – 10:45सूर्य · 10:45 – 11:40शुक्र · 11:40 – 12:35बुध · 12:35 – 13:29चंद्र · 13:29 – 14:24शनि · 14:24 – 15:19गुरु · 15:19 – 16:13मंगल · 16:13 – 17:08सूर्य · 17:08 – 18:03शुक्र · 18:03 – 19:08बुध · 19:08 – 20:13चंद्र · 20:13 – 21:19शनि · 21:19 – 22:24गुरु · 22:24 – 23:29मंगल · 23:29 – 00:34सूर्य · 00:34 – 01:40शुक्र · 01:40 – 02:45बुध · 02:45 – 03:50चंद्र · 03:50 – 04:56शनि · 04:56 – 06:01गुरु · 06:01 – 07:06

5 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 22 मि
07:07
08:29
09:51
11:13
12:35
13:57
15:19
16:41

रात के समय

8·1 घं 38 मि
18:03
19:41
21:19
22:56
00:34
02:12
03:50
05:28

दिन के समय

8·1 घं 22 मि
07:07
08:29
09:51
11:13
12:35
13:57
15:19
16:41

रात के समय

8·1 घं 38 मि
18:03
19:41
21:19
22:56
00:34
02:12
03:50
05:28
05:22→06:14
12:13→12:57
21:15→22:53
08:29→09:51
11:13→12:35
13:57→15:19
11:25→13:04

दिन के घंटे

12·55 मि
07:07
08:01
08:56
09:51
10:45
11:40
12:35
13:29
14:24
15:19
16:13
17:08

रात के घंटे

12·1 घं 5 मि
18:03
19:08
20:13
21:19
22:24
23:29
00:34
01:40
02:45
03:50
04:56
06:01

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 फ़रवरी 2024 की तिथि क्या है?
5 फ़रवरी 2024 की तिथि कृष्ण दशमी है।
5 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
5 फ़रवरी 2024 का नक्षत्र अनुराधा और योग ध्रुव है।
5 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:07 पर तथा सूर्यास्त 18:03 पर होगा।
5 फ़रवरी 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 08:29–09:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।