बुधवार, 5 फ़रवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। अष्टमी तिथि 00:36 (कल) बजे तक, फिर नवमी 22:53 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 20:32 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 19:29 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 21:18 बजे तक, फिर ब्रह्म योग 18:41 (कल) बजे तक। विष्टि करण 13:32 बजे तक, उसके बाद बव 00:36 (कल) बजे तक, फिर बालव 11:43 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:35 से 13:57) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल अष्टमी
उसी दिन 02:31 अगले दिन 00:36
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
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बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
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माघ · फाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
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भरणी
पिछले दिन 21:49 उसी दिन 20:32
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कृत्तिका
उसी दिन 20:32 अगले दिन 19:29
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
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शुक्ल
उसी दिन 00:05 उसी दिन 21:18
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ब्रह्म
उसी दिन 21:18 अगले दिन 18:41
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
उसी दिन 02:31 उसी दिन 13:32
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बव
उसी दिन 13:32 अगले दिन 00:36
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल अष्टमी · बुध
5 फ़र॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 22 मि| 07:06 08:28 | ||
| 08:28 09:51 | ||
| 09:51 11:13 | ||
| 11:13 12:35 | ||
| 12:35 13:57 | ||
| 13:57 15:19 | ||
| 15:19 16:41 | ||
| 16:41 18:03 |
रात के समय
8 · 1 घं 38 मि| 18:03 19:41 | ||
| 19:41 21:19 | ||
| 21:19 22:57 | ||
| 22:57 00:34 | ||
| 00:34 02:12 | ||
| 02:12 03:50 | ||
| 03:50 05:28 | ||
| 05:28 07:06 |
दिन के समय
8 · 1 घं 22 मि| 07:06 08:28 | ||
| 08:28 09:51 | ||
| 09:51 11:13 | ||
| 11:13 12:35 | ||
| 12:35 13:57 | ||
| 13:57 15:19 | ||
| 15:19 16:41 | ||
| 16:41 18:03 |
रात के समय
8 · 1 घं 38 मि| 18:03 19:41 | ||
| 19:41 21:19 | ||
| 21:19 22:57 | ||
| 22:57 00:34 | ||
| 00:34 02:12 | ||
| 02:12 03:50 | ||
| 03:50 05:28 | ||
| 05:28 07:06 |
| 05:22 → 06:14 | ||
| 16:00 → 17:30 | ||
| 12:35 → 13:57 | ||
| 08:28 → 09:51 | ||
| 11:13 → 12:35 | ||
| 06:54 → 08:25 |
दिन के घंटे
12 · 55 मि| 07:06 08:01 | ||
| 08:01 08:56 | ||
| 08:56 09:51 | ||
| 09:51 10:45 | ||
| 10:45 11:40 | ||
| 11:40 12:35 | ||
| 12:35 13:30 | ||
| 13:30 14:24 | ||
| 14:24 15:19 | ||
| 15:19 16:14 | ||
| 16:14 17:09 | ||
| 17:09 18:03 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 5 मि| 18:03 19:08 | ||
| 19:08 20:14 | ||
| 20:14 21:19 | ||
| 21:19 22:24 | ||
| 22:24 23:29 | ||
| 23:29 00:34 | ||
| 00:34 01:40 | ||
| 01:40 02:45 | ||
| 02:45 03:50 | ||
| 03:50 04:55 | ||
| 04:55 06:01 | ||
| 06:01 07:06 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 5 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 5 फ़रवरी 2025 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
- 5 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 5 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र भरणी और योग शुक्ल है।
- 5 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:06 पर तथा सूर्यास्त 18:03 पर होगा।
- 5 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:35–13:57 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।