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गुरुवार, 6 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज गुरुवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। नवमी तिथि रात तक है, फिर दशमी शुरू होगी। नवमी दुर्गा जी की तिथि है। यह पूजा के लिए अच्छी है, नए आरंभ के लिए नहीं। चन्द्रमा कृत्तिका नक्षत्र में रात तक है, फिर रोहिणी में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:13 से 12:57 बजे तक, और राहु काल में न करें, 13:57 से 15:19 बजे तक। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल नवमी

      उसी दिन 00:36 उसी दिन 22:53 तक

    • फिर

      शुक्ल दशमी

      उसी दिन 22:53 अगले दिन 21:26

    नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।

  • गुरुवार

    गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।

  • अमान्तमाघ
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 20:32 उसी दिन 19:29 तक

    • फिर

      रोहिणी

      उसी दिन 19:29 अगले दिन 18:39

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • ब्रह्म

      पिछले दिन 21:18 उसी दिन 18:41 तक

    • फिर

      ऐन्द्र

      उसी दिन 18:41 अगले दिन 16:15

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बालव

      उसी दिन 00:36 उसी दिन 11:43 तक

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 11:43 उसी दिन 22:53

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 22:53 अगले दिन 10:08

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल नवमी · गुरु

00061218शुभ · 07:06 – 08:28रोग · 08:28 – 09:50उद्वेग · 09:50 – 11:13चल · 11:13 – 12:35लाभ · 12:35 – 13:57अमृत · 13:57 – 15:19काल · 15:19 – 16:42शुभ · 16:42 – 18:04अमृत · 18:04 – 19:42चल · 19:42 – 21:19रोग · 21:19 – 22:57काल · 22:57 – 00:35लाभ · 00:35 – 02:12उद्वेग · 02:12 – 03:50शुभ · 03:50 – 05:27अमृत · 05:27 – 07:05शुभ · 07:06 – 08:28रोग · 08:28 – 09:50शून्य · 09:50 – 11:13लाभ · 11:13 – 12:35काल · 12:35 – 13:57चल · 13:57 – 15:19उद्योग · 15:19 – 16:42अमृत · 16:42 – 18:04लाभ · 18:04 – 19:42चल · 19:42 – 21:19शुभ · 21:19 – 22:57उद्योग · 22:57 – 00:35अमृत · 00:35 – 02:12शून्य · 02:12 – 03:50रोग · 03:50 – 05:27काल · 05:27 – 07:05ब्रह्म मुहूर्त · 05:21 – 06:14अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57अमृत काल · 17:11 – 18:43राहु काल · 13:57 – 15:19यमगण्ड काल · 07:06 – 08:28गुलिक काल · 09:50 – 11:13वर्ज्यम् · 08:00 – 09:32गुरु · 07:06 – 08:01मंगल · 08:01 – 08:55सूर्य · 08:55 – 09:50शुक्र · 09:50 – 10:45बुध · 10:45 – 11:40चंद्र · 11:40 – 12:35शनि · 12:35 – 13:30गुरु · 13:30 – 14:25मंगल · 14:25 – 15:19सूर्य · 15:19 – 16:14शुक्र · 16:14 – 17:09बुध · 17:09 – 18:04चंद्र · 18:04 – 19:09शनि · 19:09 – 20:14गुरु · 20:14 – 21:19मंगल · 21:19 – 22:24सूर्य · 22:24 – 23:29शुक्र · 23:29 – 00:35बुध · 00:35 – 01:40चंद्र · 01:40 – 02:45शनि · 02:45 – 03:50गुरु · 03:50 – 04:55मंगल · 04:55 – 06:00सूर्य · 06:00 – 07:05

6 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 22 मि
07:06
08:28
09:50
11:13
12:35
13:57
15:19
16:42

रात के समय

8·1 घं 38 मि
18:04
19:42
21:19
22:57
00:35
02:12
03:50
05:27

दिन के समय

8·1 घं 22 मि
07:06
08:28
09:50
11:13
12:35
13:57
15:19
16:42

रात के समय

8·1 घं 38 मि
18:04
19:42
21:19
22:57
00:35
02:12
03:50
05:27
05:21→06:14
12:13→12:57
17:11→18:43
13:57→15:19
07:06→08:28
09:50→11:13
08:00→09:32

दिन के घंटे

12·55 मि
07:06
08:01
08:55
09:50
10:45
11:40
12:35
13:30
14:25
15:19
16:14
17:09

रात के घंटे

12·1 घं 5 मि
18:04
19:09
20:14
21:19
22:24
23:29
00:35
01:40
02:45
03:50
04:55
06:00

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
6 फ़रवरी 2025 की तिथि शुक्ल नवमी है।
6 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
6 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र कृत्तिका और योग ब्रह्म है।
6 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:06 पर तथा सूर्यास्त 18:04 पर होगा।
6 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 13:57–15:19 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।