Skip to main content
Kundli GPT

शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज शुक्रवार है। दशमी तिथि 21:26 बजे तक, फिर एकादशी 20:16 (कल) बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 18:39 बजे तक, उसके बाद मृगशिरा 18:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ऐन्द्र 16:15 बजे तक, फिर वैधृति योग 14:03 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:08 बजे तक, उसके बाद गर 21:26 बजे तक, फिर वणिज 08:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:12 से 12:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन 22:53 उसी दिन 21:26

    • जया एकादशी

      उसी दिन 21:26 अगले दिन 20:16

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • माघ · फाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • रोहिणी

      पिछले दिन 19:29 उसी दिन 18:39

    • मृगशिरा

      उसी दिन 18:39 अगले दिन 18:06

    स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।

    • ऐन्द्र

      पिछले दिन 18:41 उसी दिन 16:15

    • वैधृति

      उसी दिन 16:15 अगले दिन 14:03

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 22:53 उसी दिन 10:08

    • गर

      उसी दिन 10:08 उसी दिन 21:26

    • वणिज

      उसी दिन 21:26 अगले दिन 08:49

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · शुक्र

00 06 12 18 चल · 07:05 – 08:28 लाभ · 08:28 – 09:50 अमृत · 09:50 – 11:12 काल · 11:12 – 12:35 शुभ · 12:35 – 13:57 रोग · 13:57 – 15:20 उद्वेग · 15:20 – 16:42 चल · 16:42 – 18:05 रोग · 18:05 – 19:42 काल · 19:42 – 21:20 लाभ · 21:20 – 22:57 उद्वेग · 22:57 – 00:35 शुभ · 00:35 – 02:12 अमृत · 02:12 – 03:49 चल · 03:49 – 05:27 रोग · 05:27 – 07:04 अमृत · 07:05 – 08:28 उद्योग · 08:28 – 09:50 चल · 09:50 – 11:12 काल · 11:12 – 12:35 शून्य · 12:35 – 13:57 लाभ · 13:57 – 15:20 शुभ · 15:20 – 16:42 रोग · 16:42 – 18:05 शुभ · 18:05 – 19:42 शून्य · 19:42 – 21:20 लाभ · 21:20 – 22:57 चल · 22:57 – 00:35 रोग · 00:35 – 02:12 काल · 02:12 – 03:49 अमृत · 03:49 – 05:27 उद्योग · 05:27 – 07:04 ब्रह्म मुहूर्त · 05:21 – 06:13 अभिजित मुहूर्त · 12:13 – 12:57 अमृत काल · 15:34 – 17:06 राहु काल · 11:12 – 12:35 यमगण्ड काल · 15:20 – 16:42 गुलिक काल · 08:28 – 09:50 वर्ज्यम् · 10:56 – 12:28 शुक्र · 07:05 – 08:00 बुध · 08:00 – 08:55 चंद्र · 08:55 – 09:50 शनि · 09:50 – 10:45 गुरु · 10:45 – 11:40 मंगल · 11:40 – 12:35 सूर्य · 12:35 – 13:30 शुक्र · 13:30 – 14:25 बुध · 14:25 – 15:20 चंद्र · 15:20 – 16:15 शनि · 16:15 – 17:10 गुरु · 17:10 – 18:05 मंगल · 18:05 – 19:10 सूर्य · 19:10 – 20:15 शुक्र · 20:15 – 21:20 बुध · 21:20 – 22:25 चंद्र · 22:25 – 23:30 शनि · 23:30 – 00:35 गुरु · 00:35 – 01:40 मंगल · 01:40 – 02:45 सूर्य · 02:45 – 03:49 शुक्र · 03:49 – 04:54 बुध · 04:54 – 05:59 चंद्र · 05:59 – 07:04

7 फ़र॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 22 मि
07:05
08:28
09:50
11:12
12:35
13:57
15:20
16:42

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
18:05
19:42
21:20
22:57
00:35
02:12
03:49
05:27

दिन के समय

8 · 1 घं 22 मि
07:05
08:28
09:50
11:12
12:35
13:57
15:20
16:42

रात के समय

8 · 1 घं 37 मि
18:05
19:42
21:20
22:57
00:35
02:12
03:49
05:27
05:21 06:13
12:13 12:57
15:34 17:06
11:12 12:35
15:20 16:42
08:28 09:50
10:56 12:28

दिन के घंटे

12 · 55 मि
07:05
08:00
08:55
09:50
10:45
11:40
12:35
13:30
14:25
15:20
16:15
17:10

रात के घंटे

12 · 1 घं 5 मि
18:05
19:10
20:15
21:20
22:25
23:30
00:35
01:40
02:45
03:49
04:54
05:59

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 फ़रवरी 2025 की तिथि क्या है?
7 फ़रवरी 2025 की तिथि शुक्ल दशमी है।
7 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
7 फ़रवरी 2025 का नक्षत्र रोहिणी और योग ऐन्द्र है।
7 फ़रवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:05 पर तथा सूर्यास्त 18:05 पर होगा।
7 फ़रवरी 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 11:12–12:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।