शनिवार, 17 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्दशी तिथि कल तड़के तक है, फिर अमावस्या शुरू होगी। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा मूल नक्षत्र में सुबह तक है, फिर पूर्व आषाढ़ा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:10 से 12:52 बजे तक, और राहु काल में न करें, 09:52 से 11:12 बजे तक। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण चतुर्दशी
पिछले दिन 22:22 अगले दिन 00:04 तक
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
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मूल
पिछले दिन 05:47 उसी दिन 08:11 तक
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फिर
पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन 08:11 अगले दिन 10:13
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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व्याघात
पिछले दिन 21:05 उसी दिन 21:16 तक
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फिर
हर्षण
उसी दिन 21:16 अगले दिन 21:09
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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विष्टि
पिछले दिन 22:22 उसी दिन 11:16 तक
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फिर
शकुनि
उसी दिन 11:16 अगले दिन 00:04
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्दशी · शनि
17 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 07:1408:33 | ||
| 08:3309:52 | ||
| 09:5211:12 | ||
| 11:1212:31 | ||
| 12:3113:50 | ||
| 13:5015:09 | ||
| 15:0916:28 | ||
| 16:2817:47 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:4719:28 | ||
| 19:2821:09 | ||
| 21:0922:50 | ||
| 22:5000:31 | ||
| 00:3102:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:14 |
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 07:1408:33 | ||
| 08:3309:52 | ||
| 09:5211:12 | ||
| 11:1212:31 | ||
| 12:3113:50 | ||
| 13:5015:09 | ||
| 15:0916:28 | ||
| 16:2817:47 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:4719:28 | ||
| 19:2821:09 | ||
| 21:0922:50 | ||
| 22:5000:31 | ||
| 00:3102:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:14 |
| 05:27→06:20 | ||
| 12:10→12:52 | ||
| 01:09→02:54 | ||
| 09:52→11:12 | ||
| 13:50→15:09 | ||
| 07:14→08:33 | ||
| 14:35→16:20 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 07:1408:07 | ||
| 08:0709:00 | ||
| 09:0009:52 | ||
| 09:5210:45 | ||
| 10:4511:38 | ||
| 11:3812:31 | ||
| 12:3113:24 | ||
| 13:2414:16 | ||
| 14:1615:09 | ||
| 15:0916:02 | ||
| 16:0216:55 | ||
| 16:5517:47 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:4718:55 | ||
| 18:5520:02 | ||
| 20:0221:09 | ||
| 21:0922:16 | ||
| 22:1623:23 | ||
| 23:2300:31 | ||
| 00:3101:38 | ||
| 01:3802:45 | ||
| 02:4503:52 | ||
| 03:5205:00 | ||
| 05:0006:07 | ||
| 06:0707:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 17 जनवरी 2026 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
- 17 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 17 जनवरी 2026 का नक्षत्र मूल और योग व्याघात है।
- 17 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:47 पर होगा।
- 17 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 09:52–11:12 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



