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Kundli GPT

रविवार, 18 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। अमावस्या तिथि 01:21 (कल) बजे तक, फिर प्रतिपदा 02:14 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 10:13 बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 11:51 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 21:09 बजे तक, फिर वज्र योग 20:44 (कल) बजे तक। चतुष्पाद करण 12:46 बजे तक, उसके बाद नाग 01:21 (कल) बजे तक, फिर किंस्तुघ्न 13:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:29 से 17:48) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • अमावस्या

      उसी दिन 00:04 अगले दिन 01:21

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • माघ · फाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 08:11 उसी दिन 10:13

    • उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 10:13 अगले दिन 11:51

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन 21:16 उसी दिन 21:09

    • वज्र

      उसी दिन 21:09 अगले दिन 20:44

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • चतुष्पाद

      उसी दिन 00:04 उसी दिन 12:46

    • नाग

      उसी दिन 12:46 अगले दिन 01:21

    स्थिर करण — मास के अंत में ही आते हैं और परिवर्तन का संकेत देते हैं। अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

अमावस्या · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 07:14 – 08:33 चल · 08:33 – 09:53 लाभ · 09:53 – 11:12 अमृत · 11:12 – 12:31 काल · 12:31 – 13:50 शुभ · 13:50 – 15:10 रोग · 15:10 – 16:29 उद्वेग · 16:29 – 17:48 शुभ · 17:48 – 19:29 अमृत · 19:29 – 21:10 चल · 21:10 – 22:50 रोग · 22:50 – 00:31 काल · 00:31 – 02:12 लाभ · 02:12 – 03:52 उद्वेग · 03:52 – 05:33 शुभ · 05:33 – 07:14 उद्योग · 07:14 – 08:33 अमृत · 08:33 – 09:53 काल · 09:53 – 11:12 शुभ · 11:12 – 12:31 रोग · 12:31 – 13:50 शून्य · 13:50 – 15:10 लाभ · 15:10 – 16:29 चल · 16:29 – 17:48 शून्य · 17:48 – 19:29 लाभ · 19:29 – 21:10 चल · 21:10 – 22:50 रोग · 22:50 – 00:31 काल · 00:31 – 02:12 शुभ · 02:12 – 03:52 अमृत · 03:52 – 05:33 उद्योग · 05:33 – 07:14 ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20 अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:52 अमृत काल · 05:01 – 06:45 राहु काल · 16:29 – 17:48 यमगण्ड काल · 12:31 – 13:50 गुलिक काल · 15:10 – 16:29 वर्ज्यम् · 18:36 – 20:20 सूर्य · 07:14 – 08:07 शुक्र · 08:07 – 09:00 बुध · 09:00 – 09:53 चंद्र · 09:53 – 10:45 शनि · 10:45 – 11:38 गुरु · 11:38 – 12:31 मंगल · 12:31 – 13:24 सूर्य · 13:24 – 14:17 शुक्र · 14:17 – 15:10 बुध · 15:10 – 16:02 चंद्र · 16:02 – 16:55 शनि · 16:55 – 17:48 गुरु · 17:48 – 18:55 मंगल · 18:55 – 20:02 सूर्य · 20:02 – 21:10 शुक्र · 21:10 – 22:17 बुध · 22:17 – 23:24 चंद्र · 23:24 – 00:31 शनि · 00:31 – 01:38 गुरु · 01:38 – 02:45 मंगल · 02:45 – 03:52 सूर्य · 03:52 – 05:00 शुक्र · 05:00 – 06:07 बुध · 06:07 – 07:14

18 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:50
15:10
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:48
19:29
21:10
22:50
00:31
02:12
03:52
05:33

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:50
15:10
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:48
19:29
21:10
22:50
00:31
02:12
03:52
05:33
05:26 06:20
12:10 12:52
05:01 06:45
16:29 17:48
12:31 13:50
15:10 16:29
18:36 20:20

दिन के घंटे

12 · 53 मि
07:14
08:07
09:00
09:53
10:45
11:38
12:31
13:24
14:17
15:10
16:02
16:55

रात के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
17:48
18:55
20:02
21:10
22:17
23:24
00:31
01:38
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
18 जनवरी 2026 की तिथि अमावस्या है।
18 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
18 जनवरी 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग हर्षण है।
18 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:48 पर होगा।
18 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 16:29–17:48 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।