Skip to main content
Kundli GPT

सोमवार, 18 जनवरी 2027

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज सोमवार है। दशमी तिथि 10:27 बजे तक, फिर एकादशी 07:49 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 21:04 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 18:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 09:32 बजे तक, फिर शुक्ल योग 06:12 (कल) बजे तक। गर करण 10:27 बजे तक, उसके बाद वणिज 21:12 बजे तक, फिर विष्टि 07:49 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:33 से 09:53) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल दशमी

      पिछले दिन 12:27 उसी दिन 10:27

    • जया एकादशी

      उसी दिन 10:27 अगले दिन 07:49

    दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • माघ · फाल्गुन

नक्षत्र · योग · करण

    • कृत्तिका

      पिछले दिन 22:41 उसी दिन 21:04

    • रोहिणी

      उसी दिन 21:04 अगले दिन 18:53

    मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।

    • शुभ

      पिछले दिन 12:22 उसी दिन 09:32

    • शुक्ल

      उसी दिन 09:32 अगले दिन 06:12

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • गर

      पिछले दिन 23:32 उसी दिन 10:27

    • वणिज

      उसी दिन 10:27 उसी दिन 21:12

    • विष्टि

      उसी दिन 21:12 अगले दिन 07:49

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल दशमी · सोम

00 06 12 18 अमृत · 07:14 – 08:33 काल · 08:33 – 09:53 शुभ · 09:53 – 11:12 रोग · 11:12 – 12:31 उद्वेग · 12:31 – 13:50 चल · 13:50 – 15:10 लाभ · 15:10 – 16:29 अमृत · 16:29 – 17:48 चल · 17:48 – 19:29 रोग · 19:29 – 21:09 काल · 21:09 – 22:50 लाभ · 22:50 – 00:31 उद्वेग · 00:31 – 02:12 शुभ · 02:12 – 03:52 अमृत · 03:52 – 05:33 चल · 05:33 – 07:14 चल · 07:14 – 08:33 लाभ · 08:33 – 09:53 शून्य · 09:53 – 11:12 रोग · 11:12 – 12:31 शुभ · 12:31 – 13:50 काल · 13:50 – 15:10 अमृत · 15:10 – 16:29 उद्योग · 16:29 – 17:48 उद्योग · 17:48 – 19:29 अमृत · 19:29 – 21:09 शुभ · 21:09 – 22:50 काल · 22:50 – 00:31 रोग · 00:31 – 02:12 चल · 02:12 – 03:52 लाभ · 03:52 – 05:33 शून्य · 05:33 – 07:14 ब्रह्म मुहूर्त · 05:26 – 06:20 अभिजित मुहूर्त · 12:10 – 12:52 अमृत काल · 18:50 – 20:20 राहु काल · 08:33 – 09:53 यमगण्ड काल · 11:12 – 12:31 गुलिक काल · 13:50 – 15:10 वर्ज्यम् · 09:53 – 11:22 चंद्र · 07:14 – 08:07 शनि · 08:07 – 09:00 गुरु · 09:00 – 09:53 मंगल · 09:53 – 10:45 सूर्य · 10:45 – 11:38 शुक्र · 11:38 – 12:31 बुध · 12:31 – 13:24 चंद्र · 13:24 – 14:17 शनि · 14:17 – 15:10 गुरु · 15:10 – 16:02 मंगल · 16:02 – 16:55 सूर्य · 16:55 – 17:48 शुक्र · 17:48 – 18:55 बुध · 18:55 – 20:02 चंद्र · 20:02 – 21:09 शनि · 21:09 – 22:17 गुरु · 22:17 – 23:24 मंगल · 23:24 – 00:31 सूर्य · 00:31 – 01:38 शुक्र · 01:38 – 02:45 बुध · 02:45 – 03:52 चंद्र · 03:52 – 05:00 शनि · 05:00 – 06:07 गुरु · 06:07 – 07:14

18 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:50
15:10
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:48
19:29
21:09
22:50
00:31
02:12
03:52
05:33

दिन के समय

8 · 1 घं 19 मि
07:14
08:33
09:53
11:12
12:31
13:50
15:10
16:29

रात के समय

8 · 1 घं 41 मि
17:48
19:29
21:09
22:50
00:31
02:12
03:52
05:33
05:26 06:20
12:10 12:52
18:50 20:20
08:33 09:53
11:12 12:31
13:50 15:10
09:53 11:22

दिन के घंटे

12 · 53 मि
07:14
08:07
09:00
09:53
10:45
11:38
12:31
13:24
14:17
15:10
16:02
16:55

रात के घंटे

12 · 1 घं 7 मि
17:48
18:55
20:02
21:09
22:17
23:24
00:31
01:38
02:45
03:52
05:00
06:07

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
18 जनवरी 2027 की तिथि शुक्ल दशमी है।
18 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
18 जनवरी 2027 का नक्षत्र कृत्तिका और योग शुभ है।
18 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:48 पर होगा।
18 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:33–09:53 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।