मंगलवार, 19 जनवरी 2027
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। पुत्रदा एकादशी तिथि सुबह तक है, फिर द्वादशी शुरू होगी। एकादशी पर बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र में शाम तक है, फिर मृगशिरा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:10 से 12:53 बजे तक, और राहु काल में न करें, 15:10 से 16:29 बजे तक। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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पुत्रदा एकादशी
पिछले दिन 10:27 उसी दिन 07:49 तक
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फिर
शुक्ल द्वादशी
उसी दिन 07:49 अगले दिन 04:41
एकादशी — अनेक लोगों के लिए उपवास का दिन। आध्यात्मिक रूप से महत्त्वपूर्ण और आत्म-चिंतन की तिथि।
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मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
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रोहिणी
पिछले दिन 21:04 उसी दिन 18:53 तक
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फिर
मृगशिरा
उसी दिन 18:53 अगले दिन 16:16
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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ब्रह्म
उसी दिन 06:12 अगले दिन 02:26 तक
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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विष्टि
पिछले दिन 21:12 उसी दिन 07:49 तक
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फिर
बव
उसी दिन 07:49 उसी दिन 18:19
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फिर
बालव
उसी दिन 18:19 अगले दिन 04:41
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल एकादशी · मंगल
19 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 07:1408:33 | ||
| 08:3309:53 | ||
| 09:5311:12 | ||
| 11:1212:31 | ||
| 12:3113:51 | ||
| 13:5115:10 | ||
| 15:1016:29 | ||
| 16:2917:49 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:4919:29 | ||
| 19:2921:10 | ||
| 21:1022:51 | ||
| 22:5100:31 | ||
| 00:3102:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:14 |
दिन के समय
8·1 घं 19 मि| 07:1408:33 | ||
| 08:3309:53 | ||
| 09:5311:12 | ||
| 11:1212:31 | ||
| 12:3113:51 | ||
| 13:5115:10 | ||
| 15:1016:29 | ||
| 16:2917:49 |
रात के समय
8·1 घं 41 मि| 17:4919:29 | ||
| 19:2921:10 | ||
| 21:1022:51 | ||
| 22:5100:31 | ||
| 00:3102:12 | ||
| 02:1203:52 | ||
| 03:5205:33 | ||
| 05:3307:14 |
| 05:26→06:20 | ||
| 12:10→12:53 | ||
| 15:59→17:26 | ||
| 15:10→16:29 | ||
| 09:53→11:12 | ||
| 12:31→13:51 | ||
| 11:37→13:04 |
दिन के घंटे
12·53 मि| 07:1408:07 | ||
| 08:0709:00 | ||
| 09:0009:53 | ||
| 09:5310:46 | ||
| 10:4611:38 | ||
| 11:3812:31 | ||
| 12:3113:24 | ||
| 13:2414:17 | ||
| 14:1715:10 | ||
| 15:1016:03 | ||
| 16:0316:56 | ||
| 16:5617:49 |
रात के घंटे
12·1 घं 7 मि| 17:4918:56 | ||
| 18:5620:03 | ||
| 20:0321:10 | ||
| 21:1022:17 | ||
| 22:1723:24 | ||
| 23:2400:31 | ||
| 00:3101:38 | ||
| 01:3802:45 | ||
| 02:4503:52 | ||
| 03:5205:00 | ||
| 05:0006:07 | ||
| 06:0707:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 19 जनवरी 2027 की तिथि क्या है?
- 19 जनवरी 2027 की तिथि शुक्ल एकादशी है।
- 19 जनवरी 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 19 जनवरी 2027 का नक्षत्र रोहिणी और योग ब्रह्म है।
- 19 जनवरी 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:49 पर होगा।
- 19 जनवरी 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 15:10–16:29 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



