शुक्रवार, 2 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। चतुर्दशी तिथि 18:53 बजे तक, फिर पूर्णिमा 15:32 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 20:03 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 17:27 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 13:06 बजे तक, फिर ब्रह्म योग 09:04 (कल) बजे तक। गर करण 08:37 बजे तक, उसके बाद वणिज 18:53 बजे तक, फिर विष्टि 05:11 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (11:07 से 12:25) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्दशी
पिछले दिन22:22उसी दिन18:53
पूर्णिमा
उसी दिन18:53अगले दिन15:32
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
मृगशिरा
पिछले दिन22:47उसी दिन20:03
आर्द्रा
उसी दिन20:03अगले दिन17:27
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
शुक्ल
पिछले दिन17:11उसी दिन13:06
ब्रह्म
उसी दिन13:06अगले दिन09:04
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
गर
पिछले दिन22:22उसी दिन08:37
वणिज
उसी दिन08:37उसी दिन18:53
विष्टि
उसी दिन18:53अगले दिन05:11
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · शुक्र
2 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:31 | ||
| 08:3109:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:42 | ||
| 13:4215:00 | ||
| 15:0016:18 | ||
| 16:1817:36 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3619:18 | ||
| 19:1821:00 | ||
| 21:0022:42 | ||
| 22:4200:25 | ||
| 00:2502:07 | ||
| 02:0703:49 | ||
| 03:4905:32 | ||
| 05:3207:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:31 | ||
| 08:3109:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:42 | ||
| 13:4215:00 | ||
| 15:0016:18 | ||
| 16:1817:36 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3619:18 | ||
| 19:1821:00 | ||
| 21:0022:42 | ||
| 22:4200:25 | ||
| 00:2502:07 | ||
| 02:0703:49 | ||
| 03:4905:32 | ||
| 05:3207:14 |
| 05:24→06:19 | ||
| 12:04→12:45 | ||
| 12:15→13:40 | ||
| 11:07→12:25 | ||
| 15:00→16:18 | ||
| 08:31→09:49 | ||
| 03:45→05:10 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1408:05 | ||
| 08:0508:57 | ||
| 08:5709:49 | ||
| 09:4910:41 | ||
| 10:4111:33 | ||
| 11:3312:25 | ||
| 12:2513:16 | ||
| 13:1614:08 | ||
| 14:0815:00 | ||
| 15:0015:52 | ||
| 15:5216:44 | ||
| 16:4417:36 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3618:44 | ||
| 18:4419:52 | ||
| 19:5221:00 | ||
| 21:0022:08 | ||
| 22:0823:17 | ||
| 23:1700:25 | ||
| 00:2501:33 | ||
| 01:3302:41 | ||
| 02:4103:49 | ||
| 03:4904:57 | ||
| 04:5706:06 | ||
| 06:0607:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 2 जनवरी 2026 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 2 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 2 जनवरी 2026 का नक्षत्र मृगशिरा और योग शुक्ल है।
- 2 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:36 पर होगा।
- 2 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 11:07–12:25 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

