शनिवार, 3 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। पूर्णिमा तिथि 15:32 बजे तक, फिर प्रतिपदा 12:30 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 17:27 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 15:10 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ब्रह्म 09:04 बजे तक, फिर ऐन्द्र योग 05:14 (कल) बजे तक। बव करण 15:32 बजे तक, उसके बाद बालव 01:58 (कल) बजे तक, फिर कौलव 12:30 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:49 से 11:07) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
पूर्णिमा
पिछले दिन18:53उसी दिन15:32
कृष्ण प्रतिपदा
उसी दिन15:32अगले दिन12:30
पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा
पिछले दिन20:03उसी दिन17:27
पुनर्वसु
उसी दिन17:27अगले दिन15:10
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
ब्रह्म
पिछले दिन13:06उसी दिन09:04
ऐन्द्र
उसी दिन09:04अगले दिन05:14
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन05:11उसी दिन15:32
बालव
उसी दिन15:32अगले दिन01:58
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
पूर्णिमा · शनि
3 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:43 | ||
| 13:4315:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:36 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3619:19 | ||
| 19:1921:01 | ||
| 21:0122:43 | ||
| 22:4300:25 | ||
| 00:2502:07 | ||
| 02:0703:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:49 | ||
| 09:4911:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:43 | ||
| 13:4315:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:36 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3619:19 | ||
| 19:1921:01 | ||
| 21:0122:43 | ||
| 22:4300:25 | ||
| 00:2502:07 | ||
| 02:0703:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
| 05:25→06:19 | ||
| 12:04→12:46 | ||
| 08:32→09:58 | ||
| 09:49→11:07 | ||
| 13:43→15:01 | ||
| 07:14→08:32 | ||
| 03:32→04:58 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1408:06 | ||
| 08:0608:58 | ||
| 08:5809:49 | ||
| 09:4910:41 | ||
| 10:4111:33 | ||
| 11:3312:25 | ||
| 12:2513:17 | ||
| 13:1714:09 | ||
| 14:0915:01 | ||
| 15:0115:53 | ||
| 15:5316:45 | ||
| 16:4517:36 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3618:45 | ||
| 18:4519:53 | ||
| 19:5321:01 | ||
| 21:0122:09 | ||
| 22:0923:17 | ||
| 23:1700:25 | ||
| 00:2501:33 | ||
| 01:3302:41 | ||
| 02:4103:50 | ||
| 03:5004:58 | ||
| 04:5806:06 | ||
| 06:0607:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 3 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 3 जनवरी 2026 की तिथि पूर्णिमा है।
- 3 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 3 जनवरी 2026 का नक्षत्र आर्द्रा और योग ब्रह्म है।
- 3 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:36 पर होगा।
- 3 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:49–11:07 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

