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Kundli GPT

रविवार, 4 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है। प्रतिपदा तिथि 12:30 बजे तक, फिर द्वितीया 09:56 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 15:10 बजे तक, उसके बाद पुष्य 13:24 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 01:46 (कल) बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 22:46 (कल) बजे तक। कौलव करण 12:30 बजे तक, उसके बाद तैतिल 23:09 बजे तक, फिर गर 09:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (16:19 से 17:37) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण प्रतिपदा

      पिछले दिन 15:32 उसी दिन 12:30

    • कृष्ण द्वितीया

      उसी दिन 12:30 अगले दिन 09:56

    प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • पौष · माघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 17:27 उसी दिन 15:10

    • पुष्य

      उसी दिन 15:10 अगले दिन 13:24

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • वैधृति

      उसी दिन 05:14 अगले दिन 01:46

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • कौलव

      उसी दिन 01:58 उसी दिन 12:30

    • तैतिल

      उसी दिन 12:30 उसी दिन 23:09

    • गर

      उसी दिन 23:09 अगले दिन 09:56

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण प्रतिपदा · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 07:14 – 08:32 चल · 08:32 – 09:50 लाभ · 09:50 – 11:08 अमृत · 11:08 – 12:26 काल · 12:26 – 13:43 शुभ · 13:43 – 15:01 रोग · 15:01 – 16:19 उद्वेग · 16:19 – 17:37 शुभ · 17:37 – 19:19 अमृत · 19:19 – 21:01 चल · 21:01 – 22:44 रोग · 22:44 – 00:26 काल · 00:26 – 02:08 लाभ · 02:08 – 03:50 उद्वेग · 03:50 – 05:32 शुभ · 05:32 – 07:14 उद्योग · 07:14 – 08:32 अमृत · 08:32 – 09:50 काल · 09:50 – 11:08 शुभ · 11:08 – 12:26 रोग · 12:26 – 13:43 शून्य · 13:43 – 15:01 लाभ · 15:01 – 16:19 चल · 16:19 – 17:37 शून्य · 17:37 – 19:19 लाभ · 19:19 – 21:01 चल · 21:01 – 22:44 रोग · 22:44 – 00:26 काल · 00:26 – 02:08 शुभ · 02:08 – 03:50 अमृत · 03:50 – 05:32 उद्योग · 05:32 – 07:14 ब्रह्म मुहूर्त · 05:25 – 06:20 अभिजित मुहूर्त · 12:05 – 12:46 अमृत काल · 13:00 – 14:27 राहु काल · 16:19 – 17:37 यमगण्ड काल · 12:26 – 13:43 गुलिक काल · 15:01 – 16:19 वर्ज्यम् · 04:19 – 05:46 सूर्य · 07:14 – 08:06 शुक्र · 08:06 – 08:58 बुध · 08:58 – 09:50 चंद्र · 09:50 – 10:42 शनि · 10:42 – 11:34 गुरु · 11:34 – 12:26 मंगल · 12:26 – 13:17 सूर्य · 13:17 – 14:09 शुक्र · 14:09 – 15:01 बुध · 15:01 – 15:53 चंद्र · 15:53 – 16:45 शनि · 16:45 – 17:37 गुरु · 17:37 – 18:45 मंगल · 18:45 – 19:53 सूर्य · 19:53 – 21:01 शुक्र · 21:01 – 22:09 बुध · 22:09 – 23:18 चंद्र · 23:18 – 00:26 शनि · 00:26 – 01:34 गुरु · 01:34 – 02:42 मंगल · 02:42 – 03:50 सूर्य · 03:50 – 04:58 शुक्र · 04:58 – 06:06 बुध · 06:06 – 07:14

4 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:26
13:43
15:01
16:19

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:37
19:19
21:01
22:44
00:26
02:08
03:50
05:32

दिन के समय

8 · 1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:26
13:43
15:01
16:19

रात के समय

8 · 1 घं 42 मि
17:37
19:19
21:01
22:44
00:26
02:08
03:50
05:32
05:25 06:20
12:05 12:46
13:00 14:27
16:19 17:37
12:26 13:43
15:01 16:19
04:19 05:46

दिन के घंटे

12 · 52 मि
07:14
08:06
08:58
09:50
10:42
11:34
12:26
13:17
14:09
15:01
15:53
16:45

रात के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
17:37
18:45
19:53
21:01
22:09
23:18
00:26
01:34
02:42
03:50
04:58
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
4 जनवरी 2026 की तिथि कृष्ण प्रतिपदा है।
4 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
4 जनवरी 2026 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग वैधृति है।
4 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:37 पर होगा।
4 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 16:19–17:37 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।