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सोमवार, 5 जनवरी 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज सोमवार है। द्वितीया तिथि 09:56 बजे तक, फिर तृतीया 08:02 (कल) बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र 13:24 बजे तक, उसके बाद आश्लेषा 12:17 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 22:46 बजे तक, फिर प्रीति योग 20:20 (कल) बजे तक। गर करण 09:56 बजे तक, उसके बाद वणिज 20:54 बजे तक, फिर विष्टि 08:02 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:32 से 09:50) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य धनु राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      पिछले दिन12:30उसी दिन09:56

    • कृष्ण तृतीया

      उसी दिन09:56अगले दिन08:02

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • सोमवार

    सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पुष्य

      पिछले दिन15:10उसी दिन13:24

    • आश्लेषा

      उसी दिन13:24अगले दिन12:17

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • विष्कुम्भ

      उसी दिन01:46उसी दिन22:46

    • प्रीति

      उसी दिन22:46अगले दिन20:20

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • गर

      पिछले दिन23:09उसी दिन09:56

    • वणिज

      उसी दिन09:56उसी दिन20:54

    • विष्टि

      उसी दिन20:54अगले दिन08:02

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · सोम

00061218अमृत · 07:14 – 08:32काल · 08:32 – 09:50शुभ · 09:50 – 11:08रोग · 11:08 – 12:26उद्वेग · 12:26 – 13:44चल · 13:44 – 15:02लाभ · 15:02 – 16:20अमृत · 16:20 – 17:38चल · 17:38 – 19:20रोग · 19:20 – 21:02काल · 21:02 – 22:44लाभ · 22:44 – 00:26उद्वेग · 00:26 – 02:08शुभ · 02:08 – 03:50अमृत · 03:50 – 05:32चल · 05:32 – 07:14चल · 07:14 – 08:32लाभ · 08:32 – 09:50शून्य · 09:50 – 11:08रोग · 11:08 – 12:26शुभ · 12:26 – 13:44काल · 13:44 – 15:02अमृत · 15:02 – 16:20उद्योग · 16:20 – 17:38उद्योग · 17:38 – 19:20अमृत · 19:20 – 21:02शुभ · 21:02 – 22:44काल · 22:44 – 00:26रोग · 00:26 – 02:08चल · 02:08 – 03:50लाभ · 03:50 – 05:32शून्य · 05:32 – 07:14ब्रह्म मुहूर्त · 05:25 – 06:20अभिजित मुहूर्त · 12:05 – 12:47अमृत काल · 07:28 – 08:57राहु काल · 08:32 – 09:50यमगण्ड काल · 11:08 – 12:26गुलिक काल · 13:44 – 15:02वर्ज्यम् · 22:35 – 00:04चंद्र · 07:14 – 08:06शनि · 08:06 – 08:58गुरु · 08:58 – 09:50मंगल · 09:50 – 10:42सूर्य · 10:42 – 11:34शुक्र · 11:34 – 12:26बुध · 12:26 – 13:18चंद्र · 13:18 – 14:10शनि · 14:10 – 15:02गुरु · 15:02 – 15:54मंगल · 15:54 – 16:46सूर्य · 16:46 – 17:38शुक्र · 17:38 – 18:46बुध · 18:46 – 19:54चंद्र · 19:54 – 21:02शनि · 21:02 – 22:10गुरु · 22:10 – 23:18मंगल · 23:18 – 00:26सूर्य · 00:26 – 01:34शुक्र · 01:34 – 02:42बुध · 02:42 – 03:50चंद्र · 03:50 – 04:58शनि · 04:58 – 06:06गुरु · 06:06 – 07:14

5 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:26
13:44
15:02
16:20

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:38
19:20
21:02
22:44
00:26
02:08
03:50
05:32

दिन के समय

8·1 घं 18 मि
07:14
08:32
09:50
11:08
12:26
13:44
15:02
16:20

रात के समय

8·1 घं 42 मि
17:38
19:20
21:02
22:44
00:26
02:08
03:50
05:32
05:2506:20
12:0512:47
07:2808:57
08:3209:50
11:0812:26
13:4415:02
22:3500:04

दिन के घंटे

12·52 मि
07:14
08:06
08:58
09:50
10:42
11:34
12:26
13:18
14:10
15:02
15:54
16:46

रात के घंटे

12·1 घं 8 मि
17:38
18:46
19:54
21:02
22:10
23:18
00:26
01:34
02:42
03:50
04:58
06:06

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
5 जनवरी 2026 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
5 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
5 जनवरी 2026 का नक्षत्र पुष्य और योग विष्कुम्भ है।
5 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:38 पर होगा।
5 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 08:32–09:50 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।