मंगलवार, 6 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। तृतीया तिथि 08:02 बजे तक, फिर चतुर्थी 06:52 (कल) बजे तक रहेगी। आश्लेषा नक्षत्र 12:17 बजे तक, उसके बाद मघा 11:55 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग प्रीति 20:20 बजे तक, फिर आयुष्मान् योग 18:32 (कल) बजे तक। विष्टि करण 08:02 बजे तक, उसके बाद बव 19:21 बजे तक, फिर बालव 06:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:03 से 16:21) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण तृतीया
पिछले दिन09:56उसी दिन08:02
कृष्ण चतुर्थी
उसी दिन08:02अगले दिन06:52
तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
आश्लेषा
पिछले दिन13:24उसी दिन12:17
मघा
उसी दिन12:17अगले दिन11:55
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
प्रीति
पिछले दिन22:46उसी दिन20:20
आयुष्मान्
उसी दिन20:20अगले दिन18:32
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन20:54उसी दिन08:02
बव
उसी दिन08:02उसी दिन19:21
बालव
उसी दिन19:21अगले दिन06:52
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण तृतीया · मंगल
6 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:08 | ||
| 11:0812:26 | ||
| 12:2613:44 | ||
| 13:4415:03 | ||
| 15:0316:21 | ||
| 16:2117:39 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3919:21 | ||
| 19:2121:03 | ||
| 21:0322:45 | ||
| 22:4500:27 | ||
| 00:2702:09 | ||
| 02:0903:51 | ||
| 03:5105:32 | ||
| 05:3207:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:08 | ||
| 11:0812:26 | ||
| 12:2613:44 | ||
| 13:4415:03 | ||
| 15:0316:21 | ||
| 16:2117:39 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3919:21 | ||
| 19:2121:03 | ||
| 21:0322:45 | ||
| 22:4500:27 | ||
| 00:2702:09 | ||
| 02:0903:51 | ||
| 03:5105:32 | ||
| 05:3207:14 |
| 05:25→06:20 | ||
| 12:06→12:47 | ||
| 10:45→12:17 | ||
| 15:03→16:21 | ||
| 09:50→11:08 | ||
| 12:26→13:44 | ||
| 01:36→03:08 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1408:06 | ||
| 08:0608:58 | ||
| 08:5809:50 | ||
| 09:5010:42 | ||
| 10:4211:34 | ||
| 11:3412:26 | ||
| 12:2613:18 | ||
| 13:1814:11 | ||
| 14:1115:03 | ||
| 15:0315:55 | ||
| 15:5516:47 | ||
| 16:4717:39 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3918:47 | ||
| 18:4719:55 | ||
| 19:5521:03 | ||
| 21:0322:11 | ||
| 22:1123:19 | ||
| 23:1900:27 | ||
| 00:2701:35 | ||
| 01:3502:43 | ||
| 02:4303:51 | ||
| 03:5104:58 | ||
| 04:5806:06 | ||
| 06:0607:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 6 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 6 जनवरी 2026 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
- 6 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 6 जनवरी 2026 का नक्षत्र आश्लेषा और योग प्रीति है।
- 6 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:39 पर होगा।
- 6 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:03–16:21 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

