शनिवार, 4 जनवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। पंचमी तिथि रात तक है, फिर षष्ठी शुरू होगी। पंचमी शांत तिथि है, पढ़ाई, संगीत और कला के लिए अच्छी। चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र में रात तक है, फिर पूर्व भाद्रपदा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:05 से 12:46 बजे तक, और राहु काल में न करें, 09:50 से 11:08 बजे तक। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक पौष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल पंचमी
पिछले दिन 23:40 उसी दिन 22:01 तक
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फिर
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन 22:01 अगले दिन 20:15
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
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शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तपौषपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
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शतभिषा
पिछले दिन 22:21 उसी दिन 21:23 तक
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फिर
पूर्व भाद्रपदा
उसी दिन 21:23 अगले दिन 20:17
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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सिद्धि
पिछले दिन 12:36 उसी दिन 10:07 तक
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फिर
व्यतीपात
उसी दिन 10:07 अगले दिन 07:31
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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बव
पिछले दिन 23:40 उसी दिन 10:51 तक
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फिर
बालव
उसी दिन 10:51 उसी दिन 22:01
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फिर
कौलव
उसी दिन 22:01 अगले दिन 09:09
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल पंचमी · शनि
4 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:08 | ||
| 11:0812:26 | ||
| 12:2613:44 | ||
| 13:4415:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:37 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3719:19 | ||
| 19:1921:02 | ||
| 21:0222:44 | ||
| 22:4400:26 | ||
| 00:2602:08 | ||
| 02:0803:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:08 | ||
| 11:0812:26 | ||
| 12:2613:44 | ||
| 13:4415:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:37 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3719:19 | ||
| 19:1921:02 | ||
| 21:0222:44 | ||
| 22:4400:26 | ||
| 00:2602:08 | ||
| 02:0803:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
| 05:25→06:20 | ||
| 12:05→12:46 | ||
| 14:28→16:00 | ||
| 09:50→11:08 | ||
| 13:44→15:01 | ||
| 07:14→08:32 | ||
| 05:15→06:48 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1408:06 | ||
| 08:0608:58 | ||
| 08:5809:50 | ||
| 09:5010:42 | ||
| 10:4211:34 | ||
| 11:3412:26 | ||
| 12:2613:18 | ||
| 13:1814:10 | ||
| 14:1015:01 | ||
| 15:0115:53 | ||
| 15:5316:45 | ||
| 16:4517:37 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3718:45 | ||
| 18:4519:53 | ||
| 19:5321:02 | ||
| 21:0222:10 | ||
| 22:1023:18 | ||
| 23:1800:26 | ||
| 00:2601:34 | ||
| 01:3402:42 | ||
| 02:4203:50 | ||
| 03:5004:58 | ||
| 04:5806:06 | ||
| 06:0607:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 4 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 4 जनवरी 2025 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
- 4 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 4 जनवरी 2025 का नक्षत्र शतभिषा और योग सिद्धि है।
- 4 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:37 पर होगा।
- 4 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 09:50–11:08 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



