गुरुवार, 4 जनवरी 2024
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी शुरू होगी। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा हस्त नक्षत्र में शाम तक है, फिर चित्रा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:05 से 12:46 बजे तक, और राहु काल में न करें, 13:43 से 15:01 बजे तक। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य धनु राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक मार्गशीर्ष
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
-
कृष्ण अष्टमी
पिछले दिन 19:48 उसी दिन 22:05 तक
-
फिर
कृष्ण नवमी
उसी दिन 22:05 अगले दिन 23:46
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
-
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तमार्गशीर्षपूर्णिमान्तपौष
नक्षत्र · योग · करण
-
हस्त
पिछले दिन 14:45 उसी दिन 17:33 तक
-
फिर
चित्रा
उसी दिन 17:33 अगले दिन 19:49
लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।
-
-
अतिगण्ड
उसी दिन 06:19 अगले दिन 06:48 तक
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
-
-
बालव
पिछले दिन 19:48 उसी दिन 09:00 तक
-
फिर
कौलव
उसी दिन 09:00 उसी दिन 22:05
-
फिर
तैतिल
उसी दिन 22:05 अगले दिन 11:01
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
-
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · गुरु
4 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:43 | ||
| 13:4315:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:37 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3719:19 | ||
| 19:1921:01 | ||
| 21:0122:43 | ||
| 22:4300:25 | ||
| 00:2502:08 | ||
| 02:0803:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
दिन के समय
8·1 घं 18 मि| 07:1408:32 | ||
| 08:3209:50 | ||
| 09:5011:07 | ||
| 11:0712:25 | ||
| 12:2513:43 | ||
| 13:4315:01 | ||
| 15:0116:19 | ||
| 16:1917:37 |
रात के समय
8·1 घं 42 मि| 17:3719:19 | ||
| 19:1921:01 | ||
| 21:0122:43 | ||
| 22:4300:25 | ||
| 00:2502:08 | ||
| 02:0803:50 | ||
| 03:5005:32 | ||
| 05:3207:14 |
| 05:25→06:19 | ||
| 12:05→12:46 | ||
| 10:51→12:38 | ||
| 13:43→15:01 | ||
| 07:14→08:32 | ||
| 09:50→11:07 | ||
| 00:08→01:55 |
दिन के घंटे
12·52 मि| 07:1408:06 | ||
| 08:0608:58 | ||
| 08:5809:50 | ||
| 09:5010:42 | ||
| 10:4211:33 | ||
| 11:3312:25 | ||
| 12:2513:17 | ||
| 13:1714:09 | ||
| 14:0915:01 | ||
| 15:0115:53 | ||
| 15:5316:45 | ||
| 16:4517:37 |
रात के घंटे
12·1 घं 8 मि| 17:3718:45 | ||
| 18:4519:53 | ||
| 19:5321:01 | ||
| 21:0122:09 | ||
| 22:0923:17 | ||
| 23:1700:25 | ||
| 00:2501:34 | ||
| 01:3402:42 | ||
| 02:4203:50 | ||
| 03:5004:58 | ||
| 04:5806:06 | ||
| 06:0607:14 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 4 जनवरी 2024 की तिथि क्या है?
- 4 जनवरी 2024 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 4 जनवरी 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 4 जनवरी 2024 का नक्षत्र हस्त और योग अतिगण्ड है।
- 4 जनवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 07:14 पर तथा सूर्यास्त 17:37 पर होगा।
- 4 जनवरी 2024 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 13:43–15:01 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



