मंगलवार, 27 जनवरी 2026
दैनिक पंचांग
आज मंगलवार है। नवमी तिथि 19:05 बजे तक, फिर दशमी 16:36 (कल) बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 11:08 बजे तक, उसके बाद कृत्तिका 09:26 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुक्ल 03:11 (कल) बजे तक, फिर ब्रह्म योग 23:52 (कल) बजे तक। बालव करण 08:14 बजे तक, उसके बाद कौलव 19:05 बजे तक, फिर तैतिल 05:52 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:15 से 16:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक माघ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल नवमी
पिछले दिन21:18उसी दिन19:05
शुक्ल दशमी
उसी दिन19:05अगले दिन16:36
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
मंगलवार
मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।
- अमान्तमाघपूर्णिमान्तमाघ
नक्षत्र · योग · करण
भरणी
पिछले दिन12:32उसी दिन11:08
कृत्तिका
उसी दिन11:08अगले दिन09:26
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
शुक्ल
उसी दिन06:18अगले दिन03:11
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
पिछले दिन21:18उसी दिन08:14
कौलव
उसी दिन08:14उसी दिन19:05
तैतिल
उसी दिन19:05अगले दिन05:52
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · मंगल
27 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 07:1108:32 | ||
| 08:3209:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:33 | ||
| 12:3313:54 | ||
| 13:5415:15 | ||
| 15:1516:35 | ||
| 16:3517:56 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:5619:35 | ||
| 19:3521:14 | ||
| 21:1422:54 | ||
| 22:5400:33 | ||
| 00:3302:13 | ||
| 02:1303:52 | ||
| 03:5205:31 | ||
| 05:3107:11 |
दिन के समय
8·1 घं 21 मि| 07:1108:32 | ||
| 08:3209:52 | ||
| 09:5211:13 | ||
| 11:1312:33 | ||
| 12:3313:54 | ||
| 13:5415:15 | ||
| 15:1516:35 | ||
| 16:3517:56 |
रात के समय
8·1 घं 39 मि| 17:5619:35 | ||
| 19:3521:14 | ||
| 21:1422:54 | ||
| 22:5400:33 | ||
| 00:3302:13 | ||
| 02:1303:52 | ||
| 03:5205:31 | ||
| 05:3107:11 |
| 05:25→06:18 | ||
| 12:12→12:55 | ||
| 06:37→08:07 | ||
| 15:15→16:35 | ||
| 09:52→11:13 | ||
| 12:33→13:54 | ||
| 21:34→23:05 |
दिन के घंटे
12·54 मि| 07:1108:05 | ||
| 08:0508:59 | ||
| 08:5909:52 | ||
| 09:5210:46 | ||
| 10:4611:40 | ||
| 11:4012:33 | ||
| 12:3313:27 | ||
| 13:2714:21 | ||
| 14:2115:15 | ||
| 15:1516:08 | ||
| 16:0817:02 | ||
| 17:0217:56 |
रात के घंटे
12·1 घं 6 मि| 17:5619:02 | ||
| 19:0220:08 | ||
| 20:0821:14 | ||
| 21:1422:21 | ||
| 22:2123:27 | ||
| 23:2700:33 | ||
| 00:3301:40 | ||
| 01:4002:46 | ||
| 02:4603:52 | ||
| 03:5204:58 | ||
| 04:5806:05 | ||
| 06:0507:11 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 जनवरी 2026 की तिथि क्या है?
- 27 जनवरी 2026 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 27 जनवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 27 जनवरी 2026 का नक्षत्र भरणी और योग शुक्ल है।
- 27 जनवरी 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:11 पर तथा सूर्यास्त 17:56 पर होगा।
- 27 जनवरी 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 15:15–16:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

