सोमवार, 27 जनवरी 2025
दैनिक पंचांग
आज सोमवार है। त्रयोदशी तिथि 20:35 बजे तक, फिर चतुर्दशी 19:36 (कल) बजे तक रहेगी। मूल नक्षत्र 09:01 बजे तक, उसके बाद पूर्व आषाढ़ा 08:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 01:56 (कल) बजे तक, फिर वज्र योग 23:50 (कल) बजे तक। गर करण 08:50 बजे तक, उसके बाद वणिज 20:35 बजे तक, फिर विष्टि 08:10 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:32 से 09:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मकर राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण त्रयोदशी
पिछले दिन 20:55 उसी दिन 20:35
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कृष्ण चतुर्दशी
उसी दिन 20:35 अगले दिन 19:36
त्रयोदशी — उत्साह की तिथि। उत्सव और सक्रिय कार्यों के लिए शुभ।
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सोमवार
सोमवार — चंद्र द्वारा शासित। शांत और भावपूर्ण दिन; पारिवारिक कार्य, जल-सम्बन्धित कार्य और अध्ययन के लिए उपयुक्त।
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माघ · फाल्गुन
नक्षत्र · योग · करण
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मूल
पिछले दिन 08:25 उसी दिन 09:01
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पूर्व आषाढ़ा
उसी दिन 09:01 अगले दिन 08:58
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
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हर्षण
उसी दिन 03:32 अगले दिन 01:56
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
पिछले दिन 20:55 उसी दिन 08:50
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वणिज
उसी दिन 08:50 उसी दिन 20:35
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विष्टि
उसी दिन 20:35 अगले दिन 08:10
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण त्रयोदशी · सोम
27 जन॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 21 मि| 07:11 08:32 | ||
| 08:32 09:52 | ||
| 09:52 11:13 | ||
| 11:13 12:34 | ||
| 12:34 13:54 | ||
| 13:54 15:15 | ||
| 15:15 16:35 | ||
| 16:35 17:56 |
रात के समय
8 · 1 घं 39 मि| 17:56 19:35 | ||
| 19:35 21:15 | ||
| 21:15 22:54 | ||
| 22:54 00:33 | ||
| 00:33 02:13 | ||
| 02:13 03:52 | ||
| 03:52 05:31 | ||
| 05:31 07:11 |
दिन के समय
8 · 1 घं 21 मि| 07:11 08:32 | ||
| 08:32 09:52 | ||
| 09:52 11:13 | ||
| 11:13 12:34 | ||
| 12:34 13:54 | ||
| 13:54 15:15 | ||
| 15:15 16:35 | ||
| 16:35 17:56 |
रात के समय
8 · 1 घं 39 मि| 17:56 19:35 | ||
| 19:35 21:15 | ||
| 21:15 22:54 | ||
| 22:54 00:33 | ||
| 00:33 02:13 | ||
| 02:13 03:52 | ||
| 03:52 05:31 | ||
| 05:31 07:11 |
| 05:25 → 06:18 | ||
| 12:12 → 12:55 | ||
| 02:28 → 04:06 | ||
| 08:32 → 09:52 | ||
| 11:13 → 12:34 | ||
| 13:54 → 15:15 | ||
| 16:37 → 18:16 |
दिन के घंटे
12 · 54 मि| 07:11 08:05 | ||
| 08:05 08:59 | ||
| 08:59 09:52 | ||
| 09:52 10:46 | ||
| 10:46 11:40 | ||
| 11:40 12:34 | ||
| 12:34 13:27 | ||
| 13:27 14:21 | ||
| 14:21 15:15 | ||
| 15:15 16:08 | ||
| 16:08 17:02 | ||
| 17:02 17:56 |
रात के घंटे
12 · 1 घं 6 मि| 17:56 19:02 | ||
| 19:02 20:08 | ||
| 20:08 21:15 | ||
| 21:15 22:21 | ||
| 22:21 23:27 | ||
| 23:27 00:33 | ||
| 00:33 01:40 | ||
| 01:40 02:46 | ||
| 02:46 03:52 | ||
| 03:52 04:58 | ||
| 04:58 06:04 | ||
| 06:04 07:11 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
- 27 जनवरी 2025 की तिथि कृष्ण त्रयोदशी है।
- 27 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 27 जनवरी 2025 का नक्षत्र मूल और योग हर्षण है।
- 27 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 07:11 पर तथा सूर्यास्त 17:56 पर होगा।
- 27 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:32–09:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।