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मंगलवार, 28 जनवरी 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। चतुर्दशी तिथि रात तक है, फिर अमावस्या शुरू होगी। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र में सुबह तक है, फिर उत्तर आषाढ़ा में। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:12 से 12:55 बजे तक, और राहु काल में न करें, 15:15 से 16:36 बजे तक। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य मकर राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण चतुर्दशी

      पिछले दिन 20:35 उसी दिन 19:36 तक

    • फिर

      अमावस्या

      उसी दिन 19:36 अगले दिन 18:05

    चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तपौष
    पूर्णिमान्तमाघ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा

      पिछले दिन 09:01 उसी दिन 08:58 तक

    • फिर

      उत्तर आषाढ़ा

      उसी दिन 08:58 अगले दिन 08:20

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वज्र

      उसी दिन 01:56 उसी दिन 23:50 तक

    • फिर

      सिद्धि

      उसी दिन 23:50 अगले दिन 21:20

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • विष्टि

      पिछले दिन 20:35 उसी दिन 08:10 तक

    • फिर

      शकुनि

      उसी दिन 08:10 उसी दिन 19:36

    • फिर

      चतुष्पाद

      उसी दिन 19:36 अगले दिन 06:54

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण चतुर्दशी · मंगल

00061218रोग · 07:11 – 08:31उद्वेग · 08:31 – 09:52चल · 09:52 – 11:13लाभ · 11:13 – 12:34अमृत · 12:34 – 13:54काल · 13:54 – 15:15शुभ · 15:15 – 16:36रोग · 16:36 – 17:57लाभ · 17:57 – 19:36उद्वेग · 19:36 – 21:15शुभ · 21:15 – 22:54अमृत · 22:54 – 00:33चल · 00:33 – 02:13रोग · 02:13 – 03:52काल · 03:52 – 05:31लाभ · 05:31 – 07:10रोग · 07:11 – 08:31काल · 08:31 – 09:52लाभ · 09:52 – 11:13उद्योग · 11:13 – 12:34चल · 12:34 – 13:54अमृत · 13:54 – 15:15शून्य · 15:15 – 16:36शुभ · 16:36 – 17:57काल · 17:57 – 19:36शून्य · 19:36 – 21:15रोग · 21:15 – 22:54लाभ · 22:54 – 00:33अमृत · 00:33 – 02:13उद्योग · 02:13 – 03:52चल · 03:52 – 05:31शुभ · 05:31 – 07:10ब्रह्म मुहूर्त · 05:25 – 06:18अभिजित मुहूर्त · 12:12 – 12:55अमृत काल · 04:10 – 05:46राहु काल · 15:15 – 16:36यमगण्ड काल · 09:52 – 11:13गुलिक काल · 12:34 – 13:54वर्ज्यम् · 18:36 – 20:12मंगल · 07:11 – 08:05सूर्य · 08:05 – 08:58शुक्र · 08:58 – 09:52बुध · 09:52 – 10:46चंद्र · 10:46 – 11:40शनि · 11:40 – 12:34गुरु · 12:34 – 13:28मंगल · 13:28 – 14:21सूर्य · 14:21 – 15:15शुक्र · 15:15 – 16:09बुध · 16:09 – 17:03चंद्र · 17:03 – 17:57शनि · 17:57 – 19:03गुरु · 19:03 – 20:09मंगल · 20:09 – 21:15सूर्य · 21:15 – 22:21शुक्र · 22:21 – 23:27बुध · 23:27 – 00:33चंद्र · 00:33 – 01:40शनि · 01:40 – 02:46गुरु · 02:46 – 03:52मंगल · 03:52 – 04:58सूर्य · 04:58 – 06:04शुक्र · 06:04 – 07:10

28 जन॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 21 मि
07:11
08:31
09:52
11:13
12:34
13:54
15:15
16:36

रात के समय

8·1 घं 39 मि
17:57
19:36
21:15
22:54
00:33
02:13
03:52
05:31

दिन के समय

8·1 घं 21 मि
07:11
08:31
09:52
11:13
12:34
13:54
15:15
16:36

रात के समय

8·1 घं 39 मि
17:57
19:36
21:15
22:54
00:33
02:13
03:52
05:31
05:25→06:18
12:12→12:55
04:10→05:46
15:15→16:36
09:52→11:13
12:34→13:54
18:36→20:12

दिन के घंटे

12·54 मि
07:11
08:05
08:58
09:52
10:46
11:40
12:34
13:28
14:21
15:15
16:09
17:03

रात के घंटे

12·1 घं 6 मि
17:57
19:03
20:09
21:15
22:21
23:27
00:33
01:40
02:46
03:52
04:58
06:04

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 जनवरी 2025 की तिथि क्या है?
28 जनवरी 2025 की तिथि कृष्ण चतुर्दशी है।
28 जनवरी 2025 का नक्षत्र क्या है?
28 जनवरी 2025 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग वज्र है।
28 जनवरी 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 07:11 पर तथा सूर्यास्त 17:57 पर होगा।
28 जनवरी 2025 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 15:15–16:36 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।