शुक्रवार, 12 जुलाई 2024
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। षष्ठी तिथि 12:33 बजे तक, फिर सप्तमी 15:06 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 16:08 बजे तक, उसके बाद हस्त 19:14 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग परिघ 05:13 (कल) बजे तक, फिर शिव योग 06:14 (कल) बजे तक। तैतिल करण 12:33 बजे तक, उसके बाद गर 01:50 (कल) बजे तक, फिर वणिज 15:06 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:43 से 12:26) के दौरान टालें। चन्द्रमा कन्या राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल षष्ठी
पिछले दिन10:04उसी दिन12:33
शुक्ल सप्तमी
उसी दिन12:33अगले दिन15:06
षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।
शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
उत्तर फाल्गुनी
पिछले दिन13:03उसी दिन16:08
हस्त
उसी दिन16:08अगले दिन19:14
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
परिघ
उसी दिन04:08अगले दिन05:13
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
पिछले दिन23:17उसी दिन12:33
गर
उसी दिन12:33अगले दिन01:50
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल षष्ठी · शुक्र
12 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3107:15 | ||
| 07:1508:59 | ||
| 08:5910:43 | ||
| 10:4312:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:43 | ||
| 01:4302:59 | ||
| 02:5904:16 | ||
| 04:1605:32 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:3107:15 | ||
| 07:1508:59 | ||
| 08:5910:43 | ||
| 10:4312:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:37 | ||
| 17:3719:21 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2120:37 | ||
| 20:3721:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:43 | ||
| 01:4302:59 | ||
| 02:5904:16 | ||
| 04:1605:32 |
| 04:10→04:51 | ||
| 11:59→12:54 | ||
| 08:01→09:49 | ||
| 10:43→12:26 | ||
| 15:54→17:37 | ||
| 07:15→08:59 | ||
| 21:11→22:59 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3106:41 | ||
| 06:4107:50 | ||
| 07:5008:59 | ||
| 08:5910:08 | ||
| 10:0811:17 | ||
| 11:1712:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:45 | ||
| 14:4515:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:12 | ||
| 18:1219:21 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2120:12 | ||
| 20:1221:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:17 | ||
| 01:1702:08 | ||
| 02:0802:59 | ||
| 02:5903:50 | ||
| 03:5004:41 | ||
| 04:4105:32 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
- 12 जुलाई 2024 की तिथि शुक्ल षष्ठी है।
- 12 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 12 जुलाई 2024 का नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी और योग परिघ है।
- 12 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:31 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
- 12 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:43–12:26 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

