शनिवार, 12 जुलाई 2025
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। द्वितीया तिथि 01:46 (कल) बजे तक, फिर तृतीया 01:03 (कल) बजे तक रहेगी। उत्तर आषाढ़ा नक्षत्र 06:35 बजे तक, उसके बाद श्रवण 06:52 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 19:30 बजे तक, फिर प्रीति योग 17:59 (कल) बजे तक। तैतिल करण 14:00 बजे तक, उसके बाद गर 01:46 (कल) बजे तक, फिर वणिज 13:27 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (08:59 से 10:43) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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कृष्ण द्वितीया
उसी दिन 02:08 अगले दिन 01:46
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
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शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
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आषाढ़ · श्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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उत्तर आषाढ़ा
पिछले दिन 05:55 उसी दिन 06:35
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श्रवण
उसी दिन 06:35 अगले दिन 06:52
स्थिर नक्षत्र — दीर्घकालिक संकल्प, नींव और स्थायी क्रय के लिए श्रेष्ठ।
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विष्कुम्भ
पिछले दिन 20:43 उसी दिन 19:30
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प्रीति
उसी दिन 19:30 अगले दिन 17:59
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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तैतिल
उसी दिन 02:08 उसी दिन 14:00
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गर
उसी दिन 14:00 अगले दिन 01:46
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण द्वितीया · शनि
12 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:31 07:15 | ||
| 07:15 08:59 | ||
| 08:59 10:43 | ||
| 10:43 12:26 | ||
| 12:26 14:10 | ||
| 14:10 15:54 | ||
| 15:54 17:37 | ||
| 17:37 19:21 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:21 20:37 | ||
| 20:37 21:54 | ||
| 21:54 23:10 | ||
| 23:10 00:26 | ||
| 00:26 01:43 | ||
| 01:43 02:59 | ||
| 02:59 04:15 | ||
| 04:15 05:32 |
दिन के समय
8 · 1 घं 44 मि| 05:31 07:15 | ||
| 07:15 08:59 | ||
| 08:59 10:43 | ||
| 10:43 12:26 | ||
| 12:26 14:10 | ||
| 14:10 15:54 | ||
| 15:54 17:37 | ||
| 17:37 19:21 |
रात के समय
8 · 1 घं 16 मि| 19:21 20:37 | ||
| 20:37 21:54 | ||
| 21:54 23:10 | ||
| 23:10 00:26 | ||
| 00:26 01:43 | ||
| 01:43 02:59 | ||
| 02:59 04:15 | ||
| 04:15 05:32 |
| 04:10 → 04:51 | ||
| 11:59 → 12:54 | ||
| 00:01 → 01:39 | ||
| 08:59 → 10:43 | ||
| 14:10 → 15:54 | ||
| 05:31 → 07:15 | ||
| 14:09 → 15:47 |
दिन के घंटे
12 · 1 घं 9 मि| 05:31 06:40 | ||
| 06:40 07:50 | ||
| 07:50 08:59 | ||
| 08:59 10:08 | ||
| 10:08 11:17 | ||
| 11:17 12:26 | ||
| 12:26 13:35 | ||
| 13:35 14:45 | ||
| 14:45 15:54 | ||
| 15:54 17:03 | ||
| 17:03 18:12 | ||
| 18:12 19:21 |
रात के घंटे
12 · 51 मि| 19:21 20:12 | ||
| 20:12 21:03 | ||
| 21:03 21:54 | ||
| 21:54 22:45 | ||
| 22:45 23:36 | ||
| 23:36 00:26 | ||
| 00:26 01:17 | ||
| 01:17 02:08 | ||
| 02:08 02:59 | ||
| 02:59 03:50 | ||
| 03:50 04:41 | ||
| 04:41 05:32 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 12 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
- 12 जुलाई 2025 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
- 12 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 12 जुलाई 2025 का नक्षत्र उत्तर आषाढ़ा और योग विष्कुम्भ है।
- 12 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:31 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
- 12 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 08:59–10:43 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।