शनिवार, 20 जुलाई 2024
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। चतुर्दशी तिथि 17:59 बजे तक, फिर पूर्णिमा 15:47 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 01:48 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 00:13 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 00:06 (कल) बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 21:10 (कल) बजे तक। गर करण 06:55 बजे तक, उसके बाद वणिज 17:59 बजे तक, फिर विष्टि 04:56 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:01 से 10:44) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
इस तिथि के पर्व
शनिवार, 20 जुलाई
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल चतुर्दशी
पिछले दिन19:41उसी दिन17:59
पूर्णिमा
उसी दिन17:59अगले दिन15:47
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व आषाढ़ा · पाद 1
उसी दिन02:54अगले दिन01:48
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
वैधृति
उसी दिन02:40अगले दिन00:06
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
गर
पिछले दिन19:41उसी दिन06:55
वणिज
उसी दिन06:55उसी दिन17:59
विष्टि
उसी दिन17:59अगले दिन04:56
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · शनि
20 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3607:18 | ||
| 07:1809:01 | ||
| 09:0110:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:35 | ||
| 17:3519:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:36 | ||
| 20:3621:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:02 | ||
| 03:0204:19 | ||
| 04:1905:36 |
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3607:18 | ||
| 07:1809:01 | ||
| 09:0110:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:35 | ||
| 17:3519:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:36 | ||
| 20:3621:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:02 | ||
| 03:0204:19 | ||
| 04:1905:36 |
| 04:13→04:54 | ||
| 12:00→12:54 | ||
| 21:13→22:45 | ||
| 09:01→10:44 | ||
| 14:10→15:53 | ||
| 05:36→07:18 | ||
| 12:04→13:35 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3606:44 | ||
| 06:4407:53 | ||
| 07:5309:01 | ||
| 09:0110:10 | ||
| 10:1011:18 | ||
| 11:1812:27 | ||
| 12:2713:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:53 | ||
| 15:5317:01 | ||
| 17:0118:10 | ||
| 18:1019:18 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:1820:10 | ||
| 20:1021:01 | ||
| 21:0121:53 | ||
| 21:5322:44 | ||
| 22:4423:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:19 | ||
| 01:1902:10 | ||
| 02:1003:02 | ||
| 03:0203:53 | ||
| 03:5304:45 | ||
| 04:4505:36 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
- 20 जुलाई 2024 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 20 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 20 जुलाई 2024 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग वैधृति है।
- 20 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 19:18 पर होगा।
- 20 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:01–10:44 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

