रविवार, 20 जुलाई 2025
दैनिक पंचांग
आज रविवार है। दशमी तिथि 12:13 बजे तक, फिर एकादशी 09:39 (कल) बजे तक रहेगी। कृत्तिका नक्षत्र 22:52 बजे तक, उसके बाद रोहिणी 21:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग गण्ड 21:47 बजे तक, फिर वृद्धि योग 18:37 (कल) बजे तक। विष्टि करण 12:13 बजे तक, उसके बाद बव 22:56 बजे तक, फिर बालव 09:39 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:36 से 19:18) के दौरान टालें। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण दशमी
पिछले दिन14:42उसी दिन12:13
कामिका एकादशी
उसी दिन12:13अगले दिन09:39
दशमी — स्थिर और भरोसेमंद तिथि। अधिकांश कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।
रविवार
रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
कृत्तिका
उसी दिन00:37उसी दिन22:52
रोहिणी
उसी दिन22:52अगले दिन21:06
मिश्र नक्षत्र — मिली-जुली ऊर्जा; कार्य की प्रकृति दिन के अनुरूप चुनें।
गण्ड
उसी दिन00:54उसी दिन21:47
वृद्धि
उसी दिन21:47अगले दिन18:37
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
विष्टि
उसी दिन01:28उसी दिन12:13
बव
उसी दिन12:13उसी दिन22:56
बालव
उसी दिन22:56अगले दिन09:39
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण दशमी · रवि
20 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3507:18 | ||
| 07:1809:01 | ||
| 09:0110:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:36 | ||
| 17:3619:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:36 | ||
| 20:3621:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:02 | ||
| 03:0204:19 | ||
| 04:1905:36 |
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3507:18 | ||
| 07:1809:01 | ||
| 09:0110:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:53 | ||
| 15:5317:36 | ||
| 17:3619:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:36 | ||
| 20:3621:53 | ||
| 21:5323:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:44 | ||
| 01:4403:02 | ||
| 03:0204:19 | ||
| 04:1905:36 |
| 04:13→04:54 | ||
| 11:59→12:54 | ||
| 20:39→22:08 | ||
| 17:36→19:18 | ||
| 12:27→14:10 | ||
| 15:53→17:36 | ||
| 11:44→13:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:3506:44 | ||
| 06:4407:53 | ||
| 07:5309:01 | ||
| 09:0110:10 | ||
| 10:1011:18 | ||
| 11:1812:27 | ||
| 12:2713:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:53 | ||
| 15:5317:01 | ||
| 17:0118:10 | ||
| 18:1019:18 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:1820:10 | ||
| 20:1021:01 | ||
| 21:0121:53 | ||
| 21:5322:44 | ||
| 22:4423:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:19 | ||
| 01:1902:10 | ||
| 02:1003:02 | ||
| 03:0203:53 | ||
| 03:5304:45 | ||
| 04:4505:36 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 20 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
- 20 जुलाई 2025 की तिथि कृष्ण दशमी है।
- 20 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 20 जुलाई 2025 का नक्षत्र कृत्तिका और योग गण्ड है।
- 20 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:35 पर तथा सूर्यास्त 19:18 पर होगा।
- 20 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 17:36–19:18 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

