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Kundli GPT

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। द्वादशी तिथि 07:05 बजे तक, फिर त्रयोदशी 04:40 (कल) बजे तक रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र 19:24 बजे तक, उसके बाद आर्द्रा 17:53 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 15:31 बजे तक, फिर व्याघात योग 12:33 (कल) बजे तक। तैतिल करण 07:05 बजे तक, उसके बाद गर 17:51 बजे तक, फिर वणिज 04:40 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:52 से 17:35) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृषभ राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वादशी

      पिछले दिन 09:39 उसी दिन 07:05

    • कृष्ण त्रयोदशी

      उसी दिन 07:05 अगले दिन 04:40

    द्वादशी — एकादशी व्रत की समाप्ति। शांत और पुनःस्थापन की तिथि।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • मृगशिरा

      पिछले दिन 21:06 उसी दिन 19:24

    • आर्द्रा

      उसी दिन 19:24 अगले दिन 17:53

    मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      पिछले दिन 18:37 उसी दिन 15:31

    • व्याघात

      उसी दिन 15:31 अगले दिन 12:33

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 20:22 उसी दिन 07:05

    • गर

      उसी दिन 07:05 उसी दिन 17:51

    • वणिज

      उसी दिन 17:51 अगले दिन 04:40

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वादशी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:37 – 07:19 उद्वेग · 07:19 – 09:02 चल · 09:02 – 10:44 लाभ · 10:44 – 12:27 अमृत · 12:27 – 14:10 काल · 14:10 – 15:52 शुभ · 15:52 – 17:35 रोग · 17:35 – 19:17 लाभ · 19:17 – 20:35 उद्वेग · 20:35 – 21:52 शुभ · 21:52 – 23:10 अमृत · 23:10 – 00:27 चल · 00:27 – 01:45 रोग · 01:45 – 03:02 काल · 03:02 – 04:20 लाभ · 04:20 – 05:37 रोग · 05:37 – 07:19 काल · 07:19 – 09:02 लाभ · 09:02 – 10:44 उद्योग · 10:44 – 12:27 चल · 12:27 – 14:10 अमृत · 14:10 – 15:52 शून्य · 15:52 – 17:35 शुभ · 17:35 – 19:17 काल · 19:17 – 20:35 शून्य · 20:35 – 21:52 रोग · 21:52 – 23:10 लाभ · 23:10 – 00:27 अमृत · 00:27 – 01:45 उद्योग · 01:45 – 03:02 चल · 03:02 – 04:20 शुभ · 04:20 – 05:37 ब्रह्म मुहूर्त · 04:14 – 04:55 अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54 अमृत काल · 11:13 – 12:43 राहु काल · 15:52 – 17:35 यमगण्ड काल · 09:02 – 10:44 गुलिक काल · 12:27 – 14:10 वर्ज्यम् · 02:18 – 03:47 मंगल · 05:37 – 06:45 सूर्य · 06:45 – 07:53 शुक्र · 07:53 – 09:02 बुध · 09:02 – 10:10 चंद्र · 10:10 – 11:19 शनि · 11:19 – 12:27 गुरु · 12:27 – 13:35 मंगल · 13:35 – 14:44 सूर्य · 14:44 – 15:52 शुक्र · 15:52 – 17:01 बुध · 17:01 – 18:09 चंद्र · 18:09 – 19:17 शनि · 19:17 – 20:09 गुरु · 20:09 – 21:01 मंगल · 21:01 – 21:52 सूर्य · 21:52 – 22:44 शुक्र · 22:44 – 23:36 बुध · 23:36 – 00:27 चंद्र · 00:27 – 01:19 शनि · 01:19 – 02:11 गुरु · 02:11 – 03:02 मंगल · 03:02 – 03:54 सूर्य · 03:54 – 04:45 शुक्र · 04:45 – 05:37

22 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:37
07:19
09:02
10:44
12:27
14:10
15:52
17:35

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:17
20:35
21:52
23:10
00:27
01:45
03:02
04:20

दिन के समय

8 · 1 घं 43 मि
05:37
07:19
09:02
10:44
12:27
14:10
15:52
17:35

रात के समय

8 · 1 घं 17 मि
19:17
20:35
21:52
23:10
00:27
01:45
03:02
04:20
04:14 04:55
12:00 12:54
11:13 12:43
15:52 17:35
09:02 10:44
12:27 14:10
02:18 03:47

दिन के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
05:37
06:45
07:53
09:02
10:10
11:19
12:27
13:35
14:44
15:52
17:01
18:09

रात के घंटे

12 · 52 मि
19:17
20:09
21:01
21:52
22:44
23:36
00:27
01:19
02:11
03:02
03:54
04:45

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
22 जुलाई 2025 की तिथि कृष्ण द्वादशी है।
22 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
22 जुलाई 2025 का नक्षत्र मृगशिरा और योग ध्रुव है।
22 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:37 पर तथा सूर्यास्त 19:17 पर होगा।
22 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:52–17:35 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।