बुधवार, 22 जुलाई 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। नवमी तिथि 07:03 (कल) बजे तक, फिर दशमी 09:13 (कल) बजे तक रहेगी। स्वाति नक्षत्र 23:02 बजे तक, उसके बाद विशाखा 01:42 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 18:40 बजे तक, फिर शुभ योग 19:18 (कल) बजे तक। बालव करण 18:06 बजे तक, उसके बाद कौलव 07:03 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 20:06 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:27 से 14:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा तुला राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल नवमी
उसी दिन05:17अगले दिन07:03
नवमी — दुर्गा को समर्पित। साधना के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्य परंपरा में टाले जाते हैं।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
स्वाति
पिछले दिन20:48उसी दिन23:02
विशाखा
उसी दिन23:02अगले दिन01:42
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
साध्य
पिछले दिन18:24उसी दिन18:40
शुभ
उसी दिन18:40अगले दिन19:18
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बालव
उसी दिन05:17उसी दिन18:06
कौलव
उसी दिन18:06अगले दिन07:03
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल नवमी · बुध
22 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3607:19 | ||
| 07:1909:02 | ||
| 09:0210:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:52 | ||
| 15:5217:35 | ||
| 17:3519:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:35 | ||
| 20:3521:52 | ||
| 21:5223:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:02 | ||
| 03:0204:20 | ||
| 04:2005:37 |
दिन के समय
8·1 घं 43 मि| 05:3607:19 | ||
| 07:1909:02 | ||
| 09:0210:44 | ||
| 10:4412:27 | ||
| 12:2714:10 | ||
| 14:1015:52 | ||
| 15:5217:35 | ||
| 17:3519:18 |
रात के समय
8·1 घं 17 मि| 19:1820:35 | ||
| 20:3521:52 | ||
| 21:5223:10 | ||
| 23:1000:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:02 | ||
| 03:0204:20 | ||
| 04:2005:37 |
| 04:14→04:55 | ||
| 13:25→15:10 | ||
| 12:27→14:10 | ||
| 07:19→09:02 | ||
| 10:44→12:27 | ||
| 02:55→04:40 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:3606:45 | ||
| 06:4507:53 | ||
| 07:5309:02 | ||
| 09:0210:10 | ||
| 10:1011:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:52 | ||
| 15:5217:01 | ||
| 17:0118:09 | ||
| 18:0919:18 |
रात के घंटे
12·52 मि| 19:1820:09 | ||
| 20:0921:01 | ||
| 21:0121:52 | ||
| 21:5222:44 | ||
| 22:4423:36 | ||
| 23:3600:27 | ||
| 00:2701:19 | ||
| 01:1902:11 | ||
| 02:1103:02 | ||
| 03:0203:54 | ||
| 03:5404:45 | ||
| 04:4505:37 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 22 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
- 22 जुलाई 2026 की तिथि शुक्ल नवमी है।
- 22 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 22 जुलाई 2026 का नक्षत्र स्वाति और योग साध्य है।
- 22 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:36 पर तथा सूर्यास्त 19:18 पर होगा।
- 22 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:27–14:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

