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रविवार, 28 जुलाई 2024

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज रविवार है, कृष्ण पक्ष चल रहा है। अष्टमी तिथि रात तक है, फिर नवमी शुरू होगी। अष्टमी तीव्र तिथि है। नए काम की शुरुआत परंपरा में टाली जाती है। चन्द्रमा अश्विनी नक्षत्र में सुबह तक है, फिर भरणी में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 12:00 से 12:54 बजे तक, और राहु काल में न करें, 17:32 से 19:14 बजे तक। चन्द्रमा मेष राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण अष्टमी

      पिछले दिन 21:19 उसी दिन 19:27 तक

    • फिर

      कृष्ण नवमी

      उसी दिन 19:27 अगले दिन 17:56

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • अश्विनी

      पिछले दिन 12:59 उसी दिन 11:47 तक

    • फिर

      भरणी

      उसी दिन 11:47 अगले दिन 10:54

    लघु नक्षत्र — संक्षिप्त कार्य, छोटी यात्राएँ और संवाद के लिए उपयुक्त।

    • शूल

      पिछले दिन 22:42 उसी दिन 20:10 तक

    • फिर

      गण्ड

      उसी दिन 20:10 अगले दिन 17:54

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • बालव

      पिछले दिन 21:19 उसी दिन 08:21 तक

    • फिर

      कौलव

      उसी दिन 08:21 उसी दिन 19:27

    • फिर

      तैतिल

      उसी दिन 19:27 अगले दिन 06:39

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण अष्टमी · रवि

00061218उद्वेग · 05:40 – 07:22चल · 07:22 – 09:04लाभ · 09:04 – 10:45अमृत · 10:45 – 12:27काल · 12:27 – 14:09शुभ · 14:09 – 15:50रोग · 15:50 – 17:32उद्वेग · 17:32 – 19:14शुभ · 19:14 – 20:32अमृत · 20:32 – 21:51चल · 21:51 – 23:09रोग · 23:09 – 00:27काल · 00:27 – 01:46लाभ · 01:46 – 03:04उद्वेग · 03:04 – 04:22शुभ · 04:22 – 05:41उद्योग · 05:40 – 07:22अमृत · 07:22 – 09:04काल · 09:04 – 10:45शुभ · 10:45 – 12:27रोग · 12:27 – 14:09शून्य · 14:09 – 15:50लाभ · 15:50 – 17:32चल · 17:32 – 19:14शून्य · 19:14 – 20:32लाभ · 20:32 – 21:51चल · 21:51 – 23:09रोग · 23:09 – 00:27काल · 00:27 – 01:46शुभ · 01:46 – 03:04अमृत · 03:04 – 04:22उद्योग · 04:22 – 05:41ब्रह्म मुहूर्त · 04:17 – 04:58अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 04:56 – 06:28राहु काल · 17:32 – 19:14यमगण्ड काल · 12:27 – 14:09गुलिक काल · 15:50 – 17:32वर्ज्यम् · 07:59 – 09:30सूर्य · 05:40 – 06:48शुक्र · 06:48 – 07:56बुध · 07:56 – 09:04चंद्र · 09:04 – 10:11शनि · 10:11 – 11:19गुरु · 11:19 – 12:27मंगल · 12:27 – 13:35सूर्य · 13:35 – 14:43शुक्र · 14:43 – 15:50बुध · 15:50 – 16:58चंद्र · 16:58 – 18:06शनि · 18:06 – 19:14गुरु · 19:14 – 20:06मंगल · 20:06 – 20:58सूर्य · 20:58 – 21:51शुक्र · 21:51 – 22:43बुध · 22:43 – 23:35चंद्र · 23:35 – 00:27शनि · 00:27 – 01:20गुरु · 01:20 – 02:12मंगल · 02:12 – 03:04सूर्य · 03:04 – 03:56शुक्र · 03:56 – 04:48बुध · 04:48 – 05:41

28 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:04
10:45
12:27
14:09
15:50
17:32

रात के समय

8·1 घं 18 मि
19:14
20:32
21:51
23:09
00:27
01:46
03:04
04:22

दिन के समय

8·1 घं 42 मि
05:40
07:22
09:04
10:45
12:27
14:09
15:50
17:32

रात के समय

8·1 घं 18 मि
19:14
20:32
21:51
23:09
00:27
01:46
03:04
04:22
04:17→04:58
12:00→12:54
04:56→06:28
17:32→19:14
12:27→14:09
15:50→17:32
07:59→09:30

दिन के घंटे

12·1 घं 8 मि
05:40
06:48
07:56
09:04
10:11
11:19
12:27
13:35
14:43
15:50
16:58
18:06

रात के घंटे

12·52 मि
19:14
20:06
20:58
21:51
22:43
23:35
00:27
01:20
02:12
03:04
03:56
04:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
28 जुलाई 2024 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
28 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
28 जुलाई 2024 का नक्षत्र अश्विनी और योग शूल है।
28 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
नई दिल्ली में सूर्योदय 05:40 पर तथा सूर्यास्त 19:14 पर होगा।
28 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
नई दिल्ली में राहु काल 17:32–19:14 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।