शनिवार, 27 जुलाई 2024
दैनिक पंचांग
आज शनिवार है। सप्तमी तिथि 21:19 बजे तक, फिर अष्टमी 19:27 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 12:59 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 11:47 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग धृति 22:42 बजे तक, फिर शूल योग 20:10 (कल) बजे तक। विष्टि करण 10:23 बजे तक, उसके बाद बव 21:19 बजे तक, फिर बालव 08:21 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (09:03 से 10:45) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण सप्तमी
पिछले दिन23:30उसी दिन21:19
कृष्ण अष्टमी
उसी दिन21:19अगले दिन19:27
सप्तमी — सामान्यतः सहज और संतुलित तिथि। नियमित कार्यों और यात्रा के लिए शुभ।
शनिवार
शनिवार — शनि द्वारा शासित। अनुशासित और गंभीर दिन; अधूरे कार्य पूर्ण करने के लिए उपयुक्त, नए आरंभ के लिए कम।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तश्रावण
नक्षत्र · योग · करण
रेवती
पिछले दिन14:29उसी दिन12:59
अश्विनी
उसी दिन12:59अगले दिन11:47
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
धृति
उसी दिन01:31उसी दिन22:42
शूल
उसी दिन22:42अगले दिन20:10
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
विष्टि
पिछले दिन23:30उसी दिन10:23
बव
उसी दिन10:23उसी दिन21:19
बालव
उसी दिन21:19अगले दिन08:21
विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण सप्तमी · शनि
27 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:3907:21 | ||
| 07:2109:03 | ||
| 09:0310:45 | ||
| 10:4512:27 | ||
| 12:2714:09 | ||
| 14:0915:51 | ||
| 15:5117:33 | ||
| 17:3319:15 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:1520:33 | ||
| 20:3321:51 | ||
| 21:5123:09 | ||
| 23:0900:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:04 | ||
| 03:0404:22 | ||
| 04:2205:40 |
दिन के समय
8·1 घं 42 मि| 05:3907:21 | ||
| 07:2109:03 | ||
| 09:0310:45 | ||
| 10:4512:27 | ||
| 12:2714:09 | ||
| 14:0915:51 | ||
| 15:5117:33 | ||
| 17:3319:15 |
रात के समय
8·1 घं 18 मि| 19:1520:33 | ||
| 20:3321:51 | ||
| 21:5123:09 | ||
| 23:0900:27 | ||
| 00:2701:45 | ||
| 01:4503:04 | ||
| 03:0404:22 | ||
| 04:2205:40 |
| 04:16→04:58 | ||
| 12:00→12:54 | ||
| 10:44→12:14 | ||
| 09:03→10:45 | ||
| 14:09→15:51 | ||
| 05:39→07:21 | ||
| 01:44→03:14 |
दिन के घंटे
12·1 घं 8 मि| 05:3906:47 | ||
| 06:4707:55 | ||
| 07:5509:03 | ||
| 09:0310:11 | ||
| 10:1111:19 | ||
| 11:1912:27 | ||
| 12:2713:35 | ||
| 13:3514:43 | ||
| 14:4315:51 | ||
| 15:5116:59 | ||
| 16:5918:07 | ||
| 18:0719:15 |
रात के घंटे
12·52 मि| 19:1520:07 | ||
| 20:0720:59 | ||
| 20:5921:51 | ||
| 21:5122:43 | ||
| 22:4323:35 | ||
| 23:3500:27 | ||
| 00:2701:19 | ||
| 01:1902:12 | ||
| 02:1203:04 | ||
| 03:0403:56 | ||
| 03:5604:48 | ||
| 04:4805:40 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 जुलाई 2024 की तिथि क्या है?
- 27 जुलाई 2024 की तिथि कृष्ण सप्तमी है।
- 27 जुलाई 2024 का नक्षत्र क्या है?
- 27 जुलाई 2024 का नक्षत्र रेवती और योग धृति है।
- 27 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:39 पर तथा सूर्यास्त 19:15 पर होगा।
- 27 जुलाई 2024 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 09:03–10:45 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

