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Kundli GPT

रविवार, 27 जुलाई 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज रविवार है। तृतीया तिथि 22:42 बजे तक, फिर चतुर्थी 23:24 (कल) बजे तक रहेगी। मघा नक्षत्र 16:22 बजे तक, उसके बाद पूर्व फाल्गुनी 17:35 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वरीयान् 03:12 (कल) बजे तक, फिर परिघ योग 02:52 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:37 बजे तक, उसके बाद गर 22:42 बजे तक, फिर वणिज 10:58 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (17:33 से 19:15) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      पिछले दिन 22:42 उसी दिन 22:42

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन 22:42 अगले दिन 23:24

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • रविवार

    रविवार — सूर्य द्वारा शासित। तेज और नेतृत्व का दिन; नेतृत्व कार्य और स्वास्थ्य के लिए शुभ।

  • श्रावण · भाद्रपद

नक्षत्र · योग · करण

    • मघा

      पिछले दिन 15:51 उसी दिन 16:22

    • पूर्व फाल्गुनी

      उसी दिन 16:22 अगले दिन 17:35

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • वरीयान्

      उसी दिन 04:04 अगले दिन 03:12

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन 22:42 उसी दिन 10:37

    • गर

      उसी दिन 10:37 उसी दिन 22:42

    • वणिज

      उसी दिन 22:42 अगले दिन 10:58

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल तृतीया · रवि

00 06 12 18 उद्वेग · 05:39 – 07:21 चल · 07:21 – 09:03 लाभ · 09:03 – 10:45 अमृत · 10:45 – 12:27 काल · 12:27 – 14:09 शुभ · 14:09 – 15:51 रोग · 15:51 – 17:33 उद्वेग · 17:33 – 19:15 शुभ · 19:15 – 20:33 अमृत · 20:33 – 21:51 चल · 21:51 – 23:09 रोग · 23:09 – 00:27 काल · 00:27 – 01:45 लाभ · 01:45 – 03:04 उद्वेग · 03:04 – 04:22 शुभ · 04:22 – 05:40 उद्योग · 05:39 – 07:21 अमृत · 07:21 – 09:03 काल · 09:03 – 10:45 शुभ · 10:45 – 12:27 रोग · 12:27 – 14:09 शून्य · 14:09 – 15:51 लाभ · 15:51 – 17:33 चल · 17:33 – 19:15 शून्य · 19:15 – 20:33 लाभ · 20:33 – 21:51 चल · 21:51 – 23:09 रोग · 23:09 – 00:27 काल · 00:27 – 01:45 शुभ · 01:45 – 03:04 अमृत · 03:04 – 04:22 उद्योग · 04:22 – 05:40 ब्रह्म मुहूर्त · 04:16 – 04:58 अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54 अमृत काल · 13:55 – 15:33 राहु काल · 17:33 – 19:15 यमगण्ड काल · 12:27 – 14:09 गुलिक काल · 15:51 – 17:33 वर्ज्यम् · 04:07 – 05:45 सूर्य · 05:39 – 06:47 शुक्र · 06:47 – 07:55 बुध · 07:55 – 09:03 चंद्र · 09:03 – 10:11 शनि · 10:11 – 11:19 गुरु · 11:19 – 12:27 मंगल · 12:27 – 13:35 सूर्य · 13:35 – 14:43 शुक्र · 14:43 – 15:51 बुध · 15:51 – 16:59 चंद्र · 16:59 – 18:07 शनि · 18:07 – 19:15 गुरु · 19:15 – 20:07 मंगल · 20:07 – 20:59 सूर्य · 20:59 – 21:51 शुक्र · 21:51 – 22:43 बुध · 22:43 – 23:35 चंद्र · 23:35 – 00:27 शनि · 00:27 – 01:19 गुरु · 01:19 – 02:12 मंगल · 02:12 – 03:04 सूर्य · 03:04 – 03:56 शुक्र · 03:56 – 04:48 बुध · 04:48 – 05:40

27 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 42 मि
05:39
07:21
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:33

रात के समय

8 · 1 घं 18 मि
19:15
20:33
21:51
23:09
00:27
01:45
03:04
04:22

दिन के समय

8 · 1 घं 42 मि
05:39
07:21
09:03
10:45
12:27
14:09
15:51
17:33

रात के समय

8 · 1 घं 18 मि
19:15
20:33
21:51
23:09
00:27
01:45
03:04
04:22
04:16 04:58
12:00 12:54
13:55 15:33
17:33 19:15
12:27 14:09
15:51 17:33
04:07 05:45

दिन के घंटे

12 · 1 घं 8 मि
05:39
06:47
07:55
09:03
10:11
11:19
12:27
13:35
14:43
15:51
16:59
18:07

रात के घंटे

12 · 52 मि
19:15
20:07
20:59
21:51
22:43
23:35
00:27
01:19
02:12
03:04
03:56
04:48

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

27 जुलाई 2025 की तिथि क्या है?
27 जुलाई 2025 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
27 जुलाई 2025 का नक्षत्र क्या है?
27 जुलाई 2025 का नक्षत्र मघा और योग वरीयान् है।
27 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:39 पर तथा सूर्यास्त 19:15 पर होगा।
27 जुलाई 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 17:33–19:15 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।