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शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज शुक्रवार है। द्वितीया तिथि 22:32 बजे तक, फिर तृतीया 23:07 (कल) बजे तक रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र 19:26 बजे तक, उसके बाद शतभिषा 20:44 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग सौभाग्य 23:52 बजे तक, फिर शोभन योग 23:21 (कल) बजे तक। तैतिल करण 10:04 बजे तक, उसके बाद गर 22:32 बजे तक, फिर वणिज 10:53 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:46 से 12:27) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य कर्क राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण द्वितीया

      पिछले दिन21:30उसी दिन22:32

    • कृष्ण तृतीया

      उसी दिन22:32अगले दिन23:07

    द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।

  • शुक्रवार

    शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।

  • अमान्तआषाढ़
    पूर्णिमान्तश्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • धनिष्ठा

      पिछले दिन17:42उसी दिन19:26

    • शतभिषा

      उसी दिन19:26अगले दिन20:44

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • सौभाग्य

      उसी दिन00:03उसी दिन23:52

    • शोभन

      उसी दिन23:52अगले दिन23:21

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      पिछले दिन21:30उसी दिन10:04

    • गर

      उसी दिन10:04उसी दिन22:32

    • वणिज

      उसी दिन22:32अगले दिन10:53

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण द्वितीया · शुक्र

00061218चल · 05:41 – 07:23लाभ · 07:23 – 09:04अमृत · 09:04 – 10:46काल · 10:46 – 12:27शुभ · 12:27 – 14:08रोग · 14:08 – 15:50उद्वेग · 15:50 – 17:31चल · 17:31 – 19:12रोग · 19:12 – 20:31काल · 20:31 – 21:50लाभ · 21:50 – 23:08उद्वेग · 23:08 – 00:27शुभ · 00:27 – 01:46अमृत · 01:46 – 03:05चल · 03:05 – 04:23रोग · 04:23 – 05:42अमृत · 05:41 – 07:23उद्योग · 07:23 – 09:04चल · 09:04 – 10:46काल · 10:46 – 12:27शून्य · 12:27 – 14:08लाभ · 14:08 – 15:50शुभ · 15:50 – 17:31रोग · 17:31 – 19:12शुभ · 19:12 – 20:31शून्य · 20:31 – 21:50लाभ · 21:50 – 23:08चल · 23:08 – 00:27रोग · 00:27 – 01:46काल · 01:46 – 03:05अमृत · 03:05 – 04:23उद्योग · 04:23 – 05:42ब्रह्म मुहूर्त · 04:18 – 05:00अभिजित मुहूर्त · 12:00 – 12:54अमृत काल · 08:17 – 10:00राहु काल · 10:46 – 12:27यमगण्ड काल · 15:50 – 17:31गुलिक काल · 07:23 – 09:04वर्ज्यम् · 21:59 – 23:42शुक्र · 05:41 – 06:49बुध · 06:49 – 07:57चंद्र · 07:57 – 09:04शनि · 09:04 – 10:12गुरु · 10:12 – 11:19मंगल · 11:19 – 12:27सूर्य · 12:27 – 13:34शुक्र · 13:34 – 14:42बुध · 14:42 – 15:50चंद्र · 15:50 – 16:57शनि · 16:57 – 18:05गुरु · 18:05 – 19:12मंगल · 19:12 – 20:05सूर्य · 20:05 – 20:57शुक्र · 20:57 – 21:50बुध · 21:50 – 22:42चंद्र · 22:42 – 23:35शनि · 23:35 – 00:27गुरु · 00:27 – 01:20मंगल · 01:20 – 02:12सूर्य · 02:12 – 03:05शुक्र · 03:05 – 03:57बुध · 03:57 – 04:50चंद्र · 04:50 – 05:42

31 जुल॰

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 41 मि
05:41
07:23
09:04
10:46
12:27
14:08
15:50
17:31

रात के समय

8·1 घं 19 मि
19:12
20:31
21:50
23:08
00:27
01:46
03:05
04:23

दिन के समय

8·1 घं 41 मि
05:41
07:23
09:04
10:46
12:27
14:08
15:50
17:31

रात के समय

8·1 घं 19 मि
19:12
20:31
21:50
23:08
00:27
01:46
03:05
04:23
04:1805:00
12:0012:54
08:1710:00
10:4612:27
15:5017:31
07:2309:04
21:5923:42

दिन के घंटे

12·1 घं 8 मि
05:41
06:49
07:57
09:04
10:12
11:19
12:27
13:34
14:42
15:50
16:57
18:05

रात के घंटे

12·52 मि
19:12
20:05
20:57
21:50
22:42
23:35
00:27
01:20
02:12
03:05
03:57
04:50

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
31 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण द्वितीया है।
31 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
31 जुलाई 2026 का नक्षत्र धनिष्ठा और योग सौभाग्य है।
31 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:41 पर तथा सूर्यास्त 19:12 पर होगा।
31 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 10:46–12:27 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।