बुधवार, 8 जुलाई 2026
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। अष्टमी तिथि 12:22 बजे तक, फिर नवमी 10:38 (कल) बजे तक रहेगी। रेवती नक्षत्र 15:59 बजे तक, उसके बाद अश्विनी 14:55 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग अतिगण्ड 12:36 बजे तक, फिर सुकर्मा योग 10:10 (कल) बजे तक। कौलव करण 12:22 बजे तक, उसके बाद तैतिल 23:35 बजे तक, फिर गर 10:38 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:26 से 14:10) के दौरान टालें। चन्द्रमा मीन राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण अष्टमी
पिछले दिन13:25उसी दिन12:22
कृष्ण नवमी
उसी दिन12:22अगले दिन10:38
अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
रेवती
पिछले दिन16:23उसी दिन15:59
अश्विनी
उसी दिन15:59अगले दिन14:55
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
अतिगण्ड
पिछले दिन14:29उसी दिन12:36
सुकर्मा
उसी दिन12:36अगले दिन10:10
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
कौलव
उसी दिन00:58उसी दिन12:22
तैतिल
उसी दिन12:22उसी दिन23:35
गर
उसी दिन23:35अगले दिन10:38
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण अष्टमी · बुध
8 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2907:13 | ||
| 07:1308:57 | ||
| 08:5710:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2907:13 | ||
| 07:1308:57 | ||
| 08:5710:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
| 04:08→04:49 | ||
| 13:38→15:12 | ||
| 12:26→14:10 | ||
| 07:13→08:57 | ||
| 10:42→12:26 | ||
| 04:11→05:46 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:2906:39 | ||
| 06:3907:48 | ||
| 07:4808:57 | ||
| 08:5710:07 | ||
| 10:0711:16 | ||
| 11:1612:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:13 | ||
| 18:1319:22 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2220:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:35 | ||
| 23:3500:26 | ||
| 00:2601:17 | ||
| 01:1702:07 | ||
| 02:0702:58 | ||
| 02:5803:48 | ||
| 03:4804:39 | ||
| 04:3905:30 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 जुलाई 2026 की तिथि क्या है?
- 8 जुलाई 2026 की तिथि कृष्ण अष्टमी है।
- 8 जुलाई 2026 का नक्षत्र क्या है?
- 8 जुलाई 2026 का नक्षत्र रेवती और योग अतिगण्ड है।
- 8 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 8 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:26–14:10 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

