गुरुवार, 8 जुलाई 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। पंचमी तिथि 16:07 बजे तक, फिर षष्ठी 14:04 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 00:17 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 23:15 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्यतीपात 20:51 बजे तक, फिर वरीयान् योग 18:15 (कल) बजे तक। बालव करण 16:07 बजे तक, उसके बाद कौलव 03:01 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 14:04 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:10 से 15:54) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल पंचमी
पिछले दिन18:44उसी दिन16:07
शुक्ल षष्ठी
उसी दिन16:07अगले दिन14:04
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
पूर्व फाल्गुनी · पाद 1
उसी दिन01:55अगले दिन00:17
उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।
व्यतीपात
पिछले दिन23:56उसी दिन20:51
वरीयान्
उसी दिन20:51अगले दिन18:15
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन05:22उसी दिन16:07
कौलव
उसी दिन16:07अगले दिन03:01
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल पंचमी · गुरु
8 जुल॰
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2907:13 | ||
| 07:1308:57 | ||
| 08:5710:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
दिन के समय
8·1 घं 44 मि| 05:2907:13 | ||
| 07:1308:57 | ||
| 08:5710:42 | ||
| 10:4212:26 | ||
| 12:2614:10 | ||
| 14:1015:54 | ||
| 15:5417:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 16 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:54 | ||
| 21:5423:10 | ||
| 23:1000:26 | ||
| 00:2601:42 | ||
| 01:4202:58 | ||
| 02:5804:14 | ||
| 04:1405:30 |
| 04:08→04:49 | ||
| 11:58→12:53 | ||
| 18:19→19:49 | ||
| 14:10→15:54 | ||
| 05:29→07:13 | ||
| 08:57→10:42 | ||
| 09:22→10:52 |
दिन के घंटे
12·1 घं 9 मि| 05:2906:39 | ||
| 06:3907:48 | ||
| 07:4808:57 | ||
| 08:5710:07 | ||
| 10:0711:16 | ||
| 11:1612:26 | ||
| 12:2613:35 | ||
| 13:3514:44 | ||
| 14:4415:54 | ||
| 15:5417:03 | ||
| 17:0318:13 | ||
| 18:1319:22 |
रात के घंटे
12·51 मि| 19:2220:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:54 | ||
| 21:5422:45 | ||
| 22:4523:35 | ||
| 23:3500:26 | ||
| 00:2601:16 | ||
| 01:1602:07 | ||
| 02:0702:58 | ||
| 02:5803:48 | ||
| 03:4804:39 | ||
| 04:3905:30 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 8 जुलाई 2027 की तिथि क्या है?
- 8 जुलाई 2027 की तिथि शुक्ल पंचमी है।
- 8 जुलाई 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 8 जुलाई 2027 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग व्यतीपात है।
- 8 जुलाई 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:29 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 8 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:10–15:54 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

