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Kundli GPT

बुधवार, 11 जून 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। पूर्णिमा तिथि 13:13 बजे तक, फिर प्रतिपदा 14:28 (कल) बजे तक रहेगी। ज्येष्ठा नक्षत्र 20:11 बजे तक, उसके बाद मूल 21:58 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग साध्य 14:05 बजे तक, फिर शुभ योग 14:06 (कल) बजे तक। बव करण 13:13 बजे तक, उसके बाद बालव 01:53 (कल) बजे तक, फिर कौलव 14:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:20 से 14:05) के दौरान टालें। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • पूर्णिमा

      पिछले दिन 11:36 उसी दिन 13:13

    • कृष्ण प्रतिपदा

      उसी दिन 13:13 अगले दिन 14:28

    पूर्णिमा अथवा अमावस्या — पूर्ण या नव चंद्र की तिथि। भक्ति, समापन और संकल्प के लिए विशेष ऊर्जावान दिन।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • ज्येष्ठ · आषाढ़

नक्षत्र · योग · करण

    • ज्येष्ठा

      पिछले दिन 18:02 उसी दिन 20:11

    • मूल

      उसी दिन 20:11 अगले दिन 21:58

    तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।

    • साध्य

      पिछले दिन 13:46 उसी दिन 14:05

    • शुभ

      उसी दिन 14:05 अगले दिन 14:06

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • बव

      उसी दिन 00:27 उसी दिन 13:13

    • बालव

      उसी दिन 13:13 अगले दिन 01:53

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

पूर्णिमा · बुध

00 06 12 18 लाभ · 05:22 – 07:07 अमृत · 07:07 – 08:51 काल · 08:51 – 10:36 शुभ · 10:36 – 12:20 रोग · 12:20 – 14:05 उद्वेग · 14:05 – 15:49 चल · 15:49 – 17:34 लाभ · 17:34 – 19:19 उद्वेग · 19:19 – 20:34 शुभ · 20:34 – 21:49 अमृत · 21:49 – 23:05 चल · 23:05 – 00:20 रोग · 00:20 – 01:36 काल · 01:36 – 02:51 लाभ · 02:51 – 04:07 उद्वेग · 04:07 – 05:22 लाभ · 05:22 – 07:07 शुभ · 07:07 – 08:51 अमृत · 08:51 – 10:36 चल · 10:36 – 12:20 उद्योग · 12:20 – 14:05 शून्य · 14:05 – 15:49 रोग · 15:49 – 17:34 काल · 17:34 – 19:19 शून्य · 19:19 – 20:34 रोग · 20:34 – 21:49 काल · 21:49 – 23:05 शुभ · 23:05 – 00:20 चल · 00:20 – 01:36 अमृत · 01:36 – 02:51 उद्योग · 02:51 – 04:07 लाभ · 04:07 – 05:22 ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42 अमृत काल · 10:36 – 12:21 राहु काल · 12:20 – 14:05 यमगण्ड काल · 07:07 – 08:51 गुलिक काल · 10:36 – 12:20 वर्ज्यम् · 00:08 – 01:53

11 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:22
07:07
08:51
10:36
12:20
14:05
15:49
17:34

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:19
20:34
21:49
23:05
00:20
01:36
02:51
04:07

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:22
07:07
08:51
10:36
12:20
14:05
15:49
17:34

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:19
20:34
21:49
23:05
00:20
01:36
02:51
04:07
04:02 04:42
10:36 12:21
12:20 14:05
07:07 08:51
10:36 12:20
00:08 01:53

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 जून 2025 की तिथि क्या है?
11 जून 2025 की तिथि पूर्णिमा है।
11 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
11 जून 2025 का नक्षत्र ज्येष्ठा और योग साध्य है।
11 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:22 पर तथा सूर्यास्त 19:19 पर होगा।
11 जून 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:20–14:05 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।