गुरुवार, 17 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है, शुक्ल पक्ष चल रहा है। चतुर्दशी तिथि कल तड़के तक है, फिर पूर्णिमा शुरू होगी। चतुर्दशी तीव्र तिथि है। बड़े निर्णय सोच-समझकर लें। चन्द्रमा अनुराधा नक्षत्र में रात तक है, फिर ज्येष्ठा में। आज सर्वार्थ सिद्धि योग है, किसी भी नए आरंभ के लिए दुर्लभ शुभ समय। नया काम अभिजित मुहूर्त में शुरू करें, 11:54 से 12:49 बजे तक, और राहु काल में न करें, 14:06 से 15:51 बजे तक। चन्द्रमा वृश्चिक राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल चतुर्दशी
उसी दिन 03:20 अगले दिन 04:35 तक
चतुर्दशी — तीव्र और परिवर्तनकारी तिथि। बड़े निर्णय सावधानी से लेने चाहिए।
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गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तज्येष्ठ
नक्षत्र · योग · करण
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अनुराधा
पिछले दिन 19:43 उसी दिन 21:29 तक
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फिर
ज्येष्ठा
उसी दिन 21:29 अगले दिन 23:39
मृदु नक्षत्र — संगीत, मैत्री और चिकित्सा जैसी कोमल गतिविधियों के लिए शुभ।
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सिद्ध
पिछले दिन 06:08 उसी दिन 05:51 तक
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फिर
साध्य
उसी दिन 05:51 अगले दिन 05:54
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
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गर
उसी दिन 03:20 उसी दिन 15:54 तक
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फिर
वणिज
उसी दिन 15:54 अगले दिन 04:35
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल चतुर्दशी · गुरु
17 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2307:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:37 | ||
| 10:3712:22 | ||
| 12:2214:06 | ||
| 14:0615:51 | ||
| 15:5117:36 | ||
| 17:3619:20 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2020:36 | ||
| 20:3621:51 | ||
| 21:5123:06 | ||
| 23:0600:22 | ||
| 00:2201:37 | ||
| 01:3702:52 | ||
| 02:5204:08 | ||
| 04:0805:23 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2307:07 | ||
| 07:0708:52 | ||
| 08:5210:37 | ||
| 10:3712:22 | ||
| 12:2214:06 | ||
| 14:0615:51 | ||
| 15:5117:36 | ||
| 17:3619:20 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2020:36 | ||
| 20:3621:51 | ||
| 21:5123:06 | ||
| 23:0600:22 | ||
| 00:2201:37 | ||
| 01:3702:52 | ||
| 02:5204:08 | ||
| 04:0805:23 |
| 04:02→04:43 | ||
| 11:54→12:49 | ||
| 10:19→12:02 | ||
| 14:06→15:51 | ||
| 05:23→07:07 | ||
| 08:52→10:37 | ||
| 00:01→01:44 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2306:33 | ||
| 06:3307:42 | ||
| 07:4208:52 | ||
| 08:5210:02 | ||
| 10:0211:12 | ||
| 11:1212:22 | ||
| 12:2213:31 | ||
| 13:3114:41 | ||
| 14:4115:51 | ||
| 15:5117:01 | ||
| 17:0118:11 | ||
| 18:1119:20 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2020:11 | ||
| 20:1121:01 | ||
| 21:0121:51 | ||
| 21:5122:41 | ||
| 22:4123:31 | ||
| 23:3100:22 | ||
| 00:2201:12 | ||
| 01:1202:02 | ||
| 02:0202:52 | ||
| 02:5203:42 | ||
| 03:4204:33 | ||
| 04:3305:23 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 17 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 17 जून 2027 की तिथि शुक्ल चतुर्दशी है।
- 17 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 17 जून 2027 का नक्षत्र अनुराधा और योग सिद्ध है।
- 17 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:20 पर होगा।
- 17 जून 2027 को राहु काल कब है?
- नई दिल्ली में राहु काल 14:06–15:51 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।



