Skip to main content
Kundli GPT

बुधवार, 17 जून 2026

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज बुधवार है। तृतीया तिथि 21:39 बजे तक, फिर चतुर्थी 18:59 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 13:37 बजे तक, उसके बाद पुष्य 11:33 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 20:52 बजे तक, फिर व्याघात योग 17:36 (कल) बजे तक। तैतिल करण 11:12 बजे तक, उसके बाद गर 21:39 बजे तक, फिर वणिज 08:14 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:22 से 14:06) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल तृतीया

      उसी दिन 00:52 उसी दिन 21:39

    • शुक्ल चतुर्थी

      उसी दिन 21:39 अगले दिन 18:59

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • पुनर्वसु

      पिछले दिन 16:13 उसी दिन 13:37

    • पुष्य

      उसी दिन 13:37 अगले दिन 11:33

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • ध्रुव

      उसी दिन 00:36 उसी दिन 20:52

    • व्याघात

      उसी दिन 20:52 अगले दिन 17:36

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • तैतिल

      उसी दिन 00:52 उसी दिन 11:12

    • गर

      उसी दिन 11:12 उसी दिन 21:39

    • वणिज

      उसी दिन 21:39 अगले दिन 08:14

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

शुक्ल तृतीया · बुध

00 06 12 18 लाभ · 05:23 – 07:07 अमृत · 07:07 – 08:52 काल · 08:52 – 10:37 शुभ · 10:37 – 12:22 रोग · 12:22 – 14:06 उद्वेग · 14:06 – 15:51 चल · 15:51 – 17:36 लाभ · 17:36 – 19:20 उद्वेग · 19:20 – 20:36 शुभ · 20:36 – 21:51 अमृत · 21:51 – 23:06 चल · 23:06 – 00:22 रोग · 00:22 – 01:37 काल · 01:37 – 02:52 लाभ · 02:52 – 04:08 उद्वेग · 04:08 – 05:23 लाभ · 05:23 – 07:07 शुभ · 07:07 – 08:52 अमृत · 08:52 – 10:37 चल · 10:37 – 12:22 उद्योग · 12:22 – 14:06 शून्य · 14:06 – 15:51 रोग · 15:51 – 17:36 काल · 17:36 – 19:20 शून्य · 19:20 – 20:36 रोग · 20:36 – 21:51 काल · 21:51 – 23:06 शुभ · 23:06 – 00:22 चल · 00:22 – 01:37 अमृत · 01:37 – 02:52 उद्योग · 02:52 – 04:08 लाभ · 04:08 – 05:23 ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43 अमृत काल · 11:29 – 12:54 राहु काल · 12:22 – 14:06 यमगण्ड काल · 07:07 – 08:52 गुलिक काल · 10:37 – 12:22 वर्ज्यम् · 02:55 – 04:21

17 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:23
07:07
08:52
10:37
12:22
14:06
15:51
17:36

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:20
20:36
21:51
23:06
00:22
01:37
02:52
04:08

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:23
07:07
08:52
10:37
12:22
14:06
15:51
17:36

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:20
20:36
21:51
23:06
00:22
01:37
02:52
04:08
04:02 04:43
11:29 12:54
12:22 14:06
07:07 08:52
10:37 12:22
02:55 04:21

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 जून 2026 की तिथि क्या है?
17 जून 2026 की तिथि शुक्ल तृतीया है।
17 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
17 जून 2026 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग ध्रुव है।
17 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:20 पर होगा।
17 जून 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:22–14:06 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।