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Kundli GPT

मंगलवार, 17 जून 2025

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज मंगलवार है। षष्ठी तिथि 14:46 बजे तक, फिर सप्तमी 13:35 (कल) बजे तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 01:02 (कल) बजे तक, उसके बाद पूर्व भाद्रपदा 00:23 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 09:35 बजे तक, फिर प्रीति योग 07:41 (कल) बजे तक। वणिज करण 14:46 बजे तक, उसके बाद विष्टि 02:14 (कल) बजे तक, फिर बव 13:35 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:51 से 17:36) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण षष्ठी

      पिछले दिन 15:32 उसी दिन 14:46

    • कृष्ण सप्तमी

      उसी दिन 14:46 अगले दिन 13:35

    षष्ठी — साहस और बल की तिथि। कठिन कार्यों को पूर्ण करने के लिए उपयुक्त।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • आषाढ़ · श्रावण

नक्षत्र · योग · करण

    • शतभिषा · पाद 1

      उसी दिन 01:14 अगले दिन 01:02

    चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।

    • विष्कुम्भ

      पिछले दिन 11:08 उसी दिन 09:35

    • प्रीति

      उसी दिन 09:35 अगले दिन 07:41

    अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।

    • वणिज

      उसी दिन 03:12 उसी दिन 14:46

    • विष्टि

      उसी दिन 14:46 अगले दिन 02:14

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

कृष्ण षष्ठी · मंगल

00 06 12 18 रोग · 05:23 – 07:07 उद्वेग · 07:07 – 08:52 चल · 08:52 – 10:37 लाभ · 10:37 – 12:22 अमृत · 12:22 – 14:06 काल · 14:06 – 15:51 शुभ · 15:51 – 17:36 रोग · 17:36 – 19:21 लाभ · 19:21 – 20:36 उद्वेग · 20:36 – 21:51 शुभ · 21:51 – 23:06 अमृत · 23:06 – 00:22 चल · 00:22 – 01:37 रोग · 01:37 – 02:52 काल · 02:52 – 04:08 लाभ · 04:08 – 05:23 रोग · 05:23 – 07:07 काल · 07:07 – 08:52 लाभ · 08:52 – 10:37 उद्योग · 10:37 – 12:22 चल · 12:22 – 14:06 अमृत · 14:06 – 15:51 शून्य · 15:51 – 17:36 शुभ · 17:36 – 19:21 काल · 19:21 – 20:36 शून्य · 20:36 – 21:51 रोग · 21:51 – 23:06 लाभ · 23:06 – 00:22 अमृत · 00:22 – 01:37 उद्योग · 01:37 – 02:52 चल · 02:52 – 04:08 शुभ · 04:08 – 05:23 ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:43 अभिजित मुहूर्त · 11:54 – 12:50 अमृत काल · 17:54 – 19:29 राहु काल · 15:51 – 17:36 यमगण्ड काल · 08:52 – 10:37 गुलिक काल · 12:22 – 14:06 वर्ज्यम् · 08:22 – 09:58

17 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:23
07:07
08:52
10:37
12:22
14:06
15:51
17:36

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:51
23:06
00:22
01:37
02:52
04:08

दिन के समय

8 · 1 घं 45 मि
05:23
07:07
08:52
10:37
12:22
14:06
15:51
17:36

रात के समय

8 · 1 घं 15 मि
19:21
20:36
21:51
23:06
00:22
01:37
02:52
04:08
04:02 04:43
11:54 12:50
17:54 19:29
15:51 17:36
08:52 10:37
12:22 14:06
08:22 09:58

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 जून 2025 की तिथि क्या है?
17 जून 2025 की तिथि कृष्ण षष्ठी है।
17 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
17 जून 2025 का नक्षत्र शतभिषा और योग विष्कुम्भ है।
17 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:21 पर होगा।
17 जून 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:51–17:36 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।