बुधवार, 23 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज बुधवार है। चतुर्थी तिथि 15:43 बजे तक, फिर पंचमी 18:10 (कल) बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र 11:16 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा 14:20 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग वैधृति 10:01 बजे तक, फिर विष्कुम्भ योग 11:04 (कल) बजे तक। बालव करण 15:43 बजे तक, उसके बाद कौलव 04:58 (कल) बजे तक, फिर तैतिल 18:10 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:23 से 14:08) के दौरान टालें। चन्द्रमा मकर राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण चतुर्थी
पिछले दिन13:07उसी दिन15:43
कृष्ण पंचमी
उसी दिन15:43अगले दिन18:10
चतुर्थी — गणेश को समर्पित। पूजा-पाठ और विघ्न निवारण के लिए श्रेष्ठ; बड़े नए कार्यों के लिए कम उपयुक्त।
बुधवार
बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
श्रवण
पिछले दिन08:07उसी दिन11:16
धनिष्ठा
उसी दिन11:16अगले दिन14:20
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
वैधृति
पिछले दिन08:53उसी दिन10:01
विष्कुम्भ
उसी दिन10:01अगले दिन11:04
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
बालव
उसी दिन02:25उसी दिन15:43
कौलव
उसी दिन15:43अगले दिन04:58
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण चतुर्थी · बुध
23 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:53 | ||
| 08:5310:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:52 | ||
| 21:5223:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:38 | ||
| 01:3802:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:53 | ||
| 08:5310:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:52 | ||
| 21:5223:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:38 | ||
| 01:3802:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
| 04:04→04:44 | ||
| 23:30→01:19 | ||
| 12:23→14:08 | ||
| 07:09→08:53 | ||
| 10:38→12:23 | ||
| 12:39→14:27 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2406:34 | ||
| 06:3407:43 | ||
| 07:4308:53 | ||
| 08:5310:03 | ||
| 10:0311:13 | ||
| 11:1312:23 | ||
| 12:2313:33 | ||
| 13:3314:42 | ||
| 14:4215:52 | ||
| 15:5217:02 | ||
| 17:0218:12 | ||
| 18:1219:22 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2220:12 | ||
| 20:1221:02 | ||
| 21:0221:52 | ||
| 21:5222:43 | ||
| 22:4323:33 | ||
| 23:3300:23 | ||
| 00:2301:13 | ||
| 01:1302:03 | ||
| 02:0302:54 | ||
| 02:5403:44 | ||
| 03:4404:34 | ||
| 04:3405:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 23 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 23 जून 2027 की तिथि कृष्ण चतुर्थी है।
- 23 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 23 जून 2027 का नक्षत्र श्रवण और योग वैधृति है।
- 23 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 23 जून 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 12:23–14:08 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

