गुरुवार, 24 जून 2027
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। पंचमी तिथि 18:10 बजे तक, फिर षष्ठी 20:17 (कल) बजे तक रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र 14:20 बजे तक, उसके बाद शतभिषा 17:06 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग विष्कुम्भ 11:04 बजे तक, फिर प्रीति योग 11:54 (कल) बजे तक। तैतिल करण 18:10 बजे तक, उसके बाद गर 07:17 (कल) बजे तक, फिर वणिज 20:17 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:08 से 15:52) के दौरान टालें। चन्द्रमा कुम्भ राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक ज्येष्ठ
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
कृष्ण पंचमी
पिछले दिन15:43उसी दिन18:10
कृष्ण षष्ठी
उसी दिन18:10अगले दिन20:17
पंचमी — शांति और सामंजस्य की तिथि। अध्ययन, संगीत और कला के लिए शुभ।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तज्येष्ठपूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
धनिष्ठा
पिछले दिन11:16उसी दिन14:20
शतभिषा
उसी दिन14:20अगले दिन17:06
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
विष्कुम्भ
पिछले दिन10:01उसी दिन11:04
प्रीति
उसी दिन11:04अगले दिन11:54
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
तैतिल
उसी दिन04:58उसी दिन18:10
गर
उसी दिन18:10अगले दिन07:17
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
कृष्ण पंचमी · गुरु
24 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:38 | ||
| 01:3802:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2407:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:38 | ||
| 10:3812:23 | ||
| 12:2314:08 | ||
| 14:0815:52 | ||
| 15:5217:37 | ||
| 17:3719:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:37 | ||
| 20:3721:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:23 | ||
| 00:2301:38 | ||
| 01:3802:54 | ||
| 02:5404:09 | ||
| 04:0905:24 |
| 04:04→04:44 | ||
| 11:55→12:51 | ||
| 02:36→04:25 | ||
| 14:08→15:52 | ||
| 05:24→07:09 | ||
| 08:54→10:38 | ||
| 15:47→17:35 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2406:34 | ||
| 06:3407:44 | ||
| 07:4408:54 | ||
| 08:5410:03 | ||
| 10:0311:13 | ||
| 11:1312:23 | ||
| 12:2313:33 | ||
| 13:3314:43 | ||
| 14:4315:52 | ||
| 15:5217:02 | ||
| 17:0218:12 | ||
| 18:1219:22 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2220:12 | ||
| 20:1221:02 | ||
| 21:0221:53 | ||
| 21:5322:43 | ||
| 22:4323:33 | ||
| 23:3300:23 | ||
| 00:2301:13 | ||
| 01:1302:04 | ||
| 02:0402:54 | ||
| 02:5403:44 | ||
| 03:4404:34 | ||
| 04:3405:24 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 24 जून 2027 की तिथि क्या है?
- 24 जून 2027 की तिथि कृष्ण पंचमी है।
- 24 जून 2027 का नक्षत्र क्या है?
- 24 जून 2027 का नक्षत्र धनिष्ठा और योग विष्कुम्भ है।
- 24 जून 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:24 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 24 जून 2027 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:08–15:52 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

