शुक्रवार, 27 जून 2025
दैनिक पंचांग
आज शुक्रवार है। द्वितीया तिथि 11:19 बजे तक, फिर तृतीया 09:54 (कल) बजे तक रहेगी। पुनर्वसु नक्षत्र 07:22 बजे तक, उसके बाद पुष्य 06:36 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग व्याघात 21:11 बजे तक, फिर हर्षण योग 19:16 (कल) बजे तक। कौलव करण 11:19 बजे तक, उसके बाद तैतिल 22:31 बजे तक, फिर गर 09:54 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (10:39 से 12:24) के दौरान टालें। चन्द्रमा कर्क राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
तिथि · वार · चान्द्र मास
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शुक्ल द्वितीया
पिछले दिन 13:24 उसी दिन 11:19
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शुक्ल तृतीया
उसी दिन 11:19 अगले दिन 09:54
द्वितीया — स्थिरता और साझेदारी की तिथि। सहयोगात्मक कार्यों के लिए शुभ।
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शुक्रवार
शुक्रवार — शुक्र द्वारा शासित। सौम्य और सुखद दिन; कला, सम्बन्ध और सौंदर्य-सम्बन्धित कार्यों के लिए शुभ।
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आषाढ़ · श्रावण
नक्षत्र · योग · करण
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पुनर्वसु
पिछले दिन 08:47 उसी दिन 07:22
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पुष्य
उसी दिन 07:22 अगले दिन 06:36
चर नक्षत्र — यात्रा, बदलाव और स्थान-परिवर्तन के लिए शुभ।
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व्याघात
पिछले दिन 23:41 उसी दिन 21:11
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हर्षण
उसी दिन 21:11 अगले दिन 19:16
अशुभ योग — आज सूर्य-चंद्र की ऊर्जाएँ विरोधी हैं। बड़े नए उपक्रम परंपरा में टाले जाते हैं।
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कौलव
उसी दिन 00:17 उसी दिन 11:19
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तैतिल
उसी दिन 11:19 उसी दिन 22:31
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गर
उसी दिन 22:31 अगले दिन 09:54
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
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एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
शुक्ल द्वितीया · शुक्र
27 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8 · 1 घं 45 मि| 05:25 07:10 | ||
| 07:10 08:54 | ||
| 08:54 10:39 | ||
| 10:39 12:24 | ||
| 12:24 14:08 | ||
| 14:08 15:53 | ||
| 15:53 17:38 | ||
| 17:38 19:22 |
रात के समय
8 · 1 घं 15 मि| 19:22 20:38 | ||
| 20:38 21:53 | ||
| 21:53 23:09 | ||
| 23:09 00:24 | ||
| 00:24 01:39 | ||
| 01:39 02:55 | ||
| 02:55 04:10 | ||
| 04:10 05:25 |
दिन के समय
8 · 1 घं 45 मि| 05:25 07:10 | ||
| 07:10 08:54 | ||
| 08:54 10:39 | ||
| 10:39 12:24 | ||
| 12:24 14:08 | ||
| 14:08 15:53 | ||
| 15:53 17:38 | ||
| 17:38 19:22 |
रात के समय
8 · 1 घं 15 मि| 19:22 20:38 | ||
| 20:38 21:53 | ||
| 21:53 23:09 | ||
| 23:09 00:24 | ||
| 00:24 01:39 | ||
| 01:39 02:55 | ||
| 02:55 04:10 | ||
| 04:10 05:25 |
| 04:05 → 04:45 | ||
| 11:56 → 12:52 | ||
| 05:07 → 06:37 | ||
| 10:39 → 12:24 | ||
| 15:53 → 17:38 | ||
| 07:10 → 08:54 | ||
| 20:05 → 21:35 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 27 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 27 जून 2025 की तिथि शुक्ल द्वितीया है।
- 27 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 27 जून 2025 का नक्षत्र पुनर्वसु और योग व्याघात है।
- 27 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 27 जून 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 10:39–12:24 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।