गुरुवार, 26 जून 2025
दैनिक पंचांग
आज गुरुवार है। प्रतिपदा तिथि 13:24 बजे तक, फिर द्वितीया 11:19 (कल) बजे तक रहेगी। आर्द्रा नक्षत्र 08:46 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु 07:21 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग ध्रुव 23:39 बजे तक, फिर व्याघात योग 21:09 (कल) बजे तक। बव करण 13:24 बजे तक, उसके बाद बालव 00:17 (कल) बजे तक, फिर कौलव 11:19 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (14:08 से 15:53) के दौरान टालें। चन्द्रमा मिथुन राशि में है और सूर्य मिथुन राशि में।
पुरुषोत्तम मास
अधिक आषाढ़
पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।
तिथि · वार · चान्द्र मास
शुक्ल प्रतिपदा
पिछले दिन16:01उसी दिन13:24
शुक्ल द्वितीया
उसी दिन13:24अगले दिन11:19
प्रतिपदा — प्रथम तिथि। नए आरंभ और नींव रखने के लिए शुभ मानी जाती है।
गुरुवार
गुरुवार — गुरु (बृहस्पति) द्वारा शासित। सप्ताह का सबसे शुभ दिन; अध्ययन, संस्कार और नए आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- अमान्तआषाढ़पूर्णिमान्तआषाढ़
नक्षत्र · योग · करण
आर्द्रा
पिछले दिन10:40उसी दिन08:46
पुनर्वसु
उसी दिन08:46अगले दिन07:21
तीक्ष्ण नक्षत्र — निर्णायक कार्य, चिकित्सकीय हस्तक्षेप और एकाग्र शक्ति वाले कार्य के लिए उपयुक्त।
ध्रुव
उसी दिन02:38उसी दिन23:39
व्याघात
उसी दिन23:39अगले दिन21:09
शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।
बव
उसी दिन02:39उसी दिन13:24
बालव
उसी दिन13:24अगले दिन00:17
चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।
एक नज़र में दिन
यहाँ आज पंचांग के समय खंड परिभाषित नहीं हैं
चोघड़िया, गौरी एवं राहु काल — सभी स्थानीय दिन-प्रकाश को आठ बराबर भागों में विभाजित करते हैं। बहुत उच्च अक्षांश (~66° से ऊपर) पर सूर्य दिन-भर डूबे या उगे रह सकता है, अतः इस तिथि के लिए स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त की जोड़ी उपलब्ध नहीं है। ऊपर दी गई तिथि, नक्षत्र एवं योग की गणना यथावत मान्य है।
उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।
दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।
दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।
दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।
शुक्ल प्रतिपदा · गुरु
26 जून
दैनिक पंचांग
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2507:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:39 | ||
| 10:3912:24 | ||
| 12:2414:08 | ||
| 14:0815:53 | ||
| 15:5317:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:24 | ||
| 00:2401:39 | ||
| 01:3902:54 | ||
| 02:5404:10 | ||
| 04:1005:25 |
दिन के समय
8·1 घं 45 मि| 05:2507:09 | ||
| 07:0908:54 | ||
| 08:5410:39 | ||
| 10:3912:24 | ||
| 12:2414:08 | ||
| 14:0815:53 | ||
| 15:5317:38 | ||
| 17:3819:22 |
रात के समय
8·1 घं 15 मि| 19:2220:38 | ||
| 20:3821:53 | ||
| 21:5323:08 | ||
| 23:0800:24 | ||
| 00:2401:39 | ||
| 01:3902:54 | ||
| 02:5404:10 | ||
| 04:1005:25 |
| 04:04→04:45 | ||
| 11:56→12:51 | ||
| 23:33→01:02 | ||
| 14:08→15:53 | ||
| 05:25→07:09 | ||
| 08:54→10:39 | ||
| 18:24→19:52 |
दिन के घंटे
12·1 घं 10 मि| 05:2506:35 | ||
| 06:3507:44 | ||
| 07:4408:54 | ||
| 08:5410:04 | ||
| 10:0411:14 | ||
| 11:1412:24 | ||
| 12:2413:33 | ||
| 13:3314:43 | ||
| 14:4315:53 | ||
| 15:5317:03 | ||
| 17:0318:13 | ||
| 18:1319:22 |
रात के घंटे
12·50 मि| 19:2220:13 | ||
| 20:1321:03 | ||
| 21:0321:53 | ||
| 21:5322:43 | ||
| 22:4323:33 | ||
| 23:3300:24 | ||
| 00:2401:14 | ||
| 01:1402:04 | ||
| 02:0402:54 | ||
| 02:5403:45 | ||
| 03:4504:35 | ||
| 04:3505:25 |
लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 26 जून 2025 की तिथि क्या है?
- 26 जून 2025 की तिथि शुक्ल प्रतिपदा है।
- 26 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
- 26 जून 2025 का नक्षत्र आर्द्रा और योग ध्रुव है।
- 26 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
- दिल्ली में सूर्योदय 05:25 पर तथा सूर्यास्त 19:22 पर होगा।
- 26 जून 2025 को राहु काल कब है?
- दिल्ली में राहु काल 14:08–15:53 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

