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बुधवार, 3 जून 2026

दैनिक पंचांग

चिंतन का दिन

आज बुधवार है। तृतीया तिथि 21:21 बजे तक, फिर चतुर्थी 23:30 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व आषाढ़ा नक्षत्र 00:59 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर आषाढ़ा 03:41 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग शुभ 08:10 बजे तक, फिर शुक्ल योग 09:01 (कल) बजे तक। वणिज करण 08:12 बजे तक, उसके बाद विष्टि 21:21 बजे तक, फिर बव 10:28 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (12:19 से 14:03) के दौरान टालें। चन्द्रमा धनु राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

पुरुषोत्तम मास

अधिक ज्येष्ठ

17 मई से 15 जून, 2026 तक

पवित्र चंद्र अधिक मास — उपवास, दान और भक्ति-साधना का काल।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • कृष्ण तृतीया

      पिछले दिन19:01उसी दिन21:21

    • कृष्ण चतुर्थी

      उसी दिन21:21अगले दिन23:30

    तृतीया — सामान्यतः शुभ तिथि। यात्रा और उल्लासपूर्ण अवसरों के लिए उपयुक्त।

  • बुधवार

    बुधवार — बुध द्वारा शासित। संवाद और बुद्धि का दिन; अध्ययन, लेखन और व्यापार के लिए शुभ।

  • अमान्तअधिक ज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तअधिक ज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व आषाढ़ा · पाद 2

      पिछले दिन22:05अगले दिन00:59

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • शुभ

      पिछले दिन07:14उसी दिन08:10

    • शुक्ल

      उसी दिन08:10अगले दिन09:01

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • वणिज

      पिछले दिन19:01उसी दिन08:12

    • विष्टि

      उसी दिन08:12उसी दिन21:21

    • बव

      उसी दिन21:21अगले दिन10:28

    चर करण — सामान्य दिनचर्या वाला आधा-तिथि भाग। अधिकांश नियमित कार्यों के लिए उपयुक्त।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

कृष्ण तृतीया · बुध

00061218लाभ · 05:23 – 07:07अमृत · 07:07 – 08:51काल · 08:51 – 10:35शुभ · 10:35 – 12:19रोग · 12:19 – 14:03उद्वेग · 14:03 – 15:47चल · 15:47 – 17:31लाभ · 17:31 – 19:15उद्वेग · 19:15 – 20:31शुभ · 20:31 – 21:47अमृत · 21:47 – 23:03चल · 23:03 – 00:19रोग · 00:19 – 01:35काल · 01:35 – 02:51लाभ · 02:51 – 04:07उद्वेग · 04:07 – 05:23लाभ · 05:23 – 07:07शुभ · 07:07 – 08:51अमृत · 08:51 – 10:35चल · 10:35 – 12:19उद्योग · 12:19 – 14:03शून्य · 14:03 – 15:47रोग · 15:47 – 17:31काल · 17:31 – 19:15शून्य · 19:15 – 20:31रोग · 20:31 – 21:47काल · 21:47 – 23:03शुभ · 23:03 – 00:19चल · 00:19 – 01:35अमृत · 01:35 – 02:51उद्योग · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अमृत काल · 19:36 – 21:24राहु काल · 12:19 – 14:03यमगण्ड काल · 07:07 – 08:51गुलिक काल · 10:35 – 12:19वर्ज्यम् · 08:51 – 10:38बुध · 05:23 – 06:32चंद्र · 06:32 – 07:42शनि · 07:42 – 08:51गुरु · 08:51 – 10:00मंगल · 10:00 – 11:10सूर्य · 11:10 – 12:19शुक्र · 12:19 – 13:28बुध · 13:28 – 14:38चंद्र · 14:38 – 15:47शनि · 15:47 – 16:56गुरु · 16:56 – 18:06मंगल · 18:06 – 19:15सूर्य · 19:15 – 20:06शुक्र · 20:06 – 20:56बुध · 20:56 – 21:47चंद्र · 21:47 – 22:37शनि · 22:37 – 23:28गुरु · 23:28 – 00:19मंगल · 00:19 – 01:09सूर्य · 01:09 – 02:00शुक्र · 02:00 – 02:51बुध · 02:51 – 03:41चंद्र · 03:41 – 04:32शनि · 04:32 – 05:23

3 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07
04:0204:42
19:3621:24
12:1914:03
07:0708:51
10:3512:19
08:5110:38

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:42
08:51
10:00
11:10
12:19
13:28
14:38
15:47
16:56
18:06

रात के घंटे

12·51 मि
19:15
20:06
20:56
21:47
22:37
23:28
00:19
01:09
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 जून 2026 की तिथि क्या है?
3 जून 2026 की तिथि कृष्ण तृतीया है।
3 जून 2026 का नक्षत्र क्या है?
3 जून 2026 का नक्षत्र पूर्व आषाढ़ा और योग शुभ है।
3 जून 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:15 पर होगा।
3 जून 2026 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 12:19–14:03 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।