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मंगलवार, 3 जून 2025

दैनिक पंचांग

शुभ दिन

आज मंगलवार है। अष्टमी तिथि 21:56 बजे तक, फिर नवमी 23:54 (कल) बजे तक रहेगी। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 00:58 (कल) बजे तक, उसके बाद उत्तर फाल्गुनी 03:35 (कल) बजे तक रहेगा। आज का योग हर्षण 08:07 बजे तक, फिर वज्र योग 08:27 (कल) बजे तक। विष्टि करण 09:10 बजे तक, उसके बाद बव 21:56 बजे तक, फिर बालव 10:51 (कल) बजे तक। महत्त्वपूर्ण नए कार्य राहु काल (15:47 से 17:31) के दौरान टालें। चन्द्रमा सिंह राशि में है और सूर्य वृषभ राशि में।

तिथि · वार · चान्द्र मास

    • शुक्ल अष्टमी

      पिछले दिन20:35उसी दिन21:56

    • शुक्ल नवमी

      उसी दिन21:56अगले दिन23:54

    अष्टमी — तीव्र ऊर्जा वाली तिथि। नए कार्य आरंभ करने के लिए परंपरा में टाली जाती है।

  • मंगलवार

    मंगलवार — मंगल द्वारा शासित। ऊर्जावान और साहसी दिन; कर्म और शारीरिक कार्य के लिए शुभ, संवेदनशील मामलों के लिए कम।

  • अमान्तज्येष्ठ
    पूर्णिमान्तज्येष्ठ

नक्षत्र · योग · करण

    • पूर्व फाल्गुनी · पाद 2

      पिछले दिन22:55अगले दिन00:58

    उग्र नक्षत्र — बड़े नए आरंभ के लिए परंपरा में टाला जाता है; पूर्णता और परिवर्तन के कार्यों के लिए उपयुक्त।

    • हर्षण

      पिछले दिन08:19उसी दिन08:07

    • वज्र

      उसी दिन08:07अगले दिन08:27

    शुभ योग — आज सूर्य और चंद्र का संयोग अनुकूल है। अधिकांश नए आरंभ के लिए सहायक माना जाता है।

    • विष्टि

      पिछले दिन20:35उसी दिन09:10

    • बव

      उसी दिन09:10उसी दिन21:56

    • बालव

      उसी दिन21:56अगले दिन10:51

    विष्टि (भद्रा) करण — महत्त्वपूर्ण नए कार्यों के लिए परंपरा में टाला जाता है; सामान्य कार्य चलते हैं।

एक नज़र में दिन

उत्तर भारतीय समय-प्रणाली: दिन की आठ और रात की आठ अवधियाँ, प्रत्येक शुभ, सामान्य या अशुभ चिह्नित। दैनिक कार्य का स्लॉट चुनने (या टालने) का त्वरित उपाय।

दक्षिण भारतीय परंपरा जिसमें दिन और रात को आठ-आठ गौरी अवधियों में बाँटा जाता है — दैनिक कार्यों के लिए शुभ समय चुनने में सहायक।

दिन के छह सबसे महत्त्वपूर्ण मुहूर्तों का संक्षिप्त संग्रह — तीन शुभ (ब्रह्म, अभिजित, अमृत) और तीन अशुभ (राहु, यमगण्ड, गुलिक)। कुछ दिनों पर एक अवधि की गणना संभव न होने पर कम भी दिख सकते हैं।

दिन और रात प्रत्येक बारह होरा (ग्रह-घंटों) में बँटते हैं, हर एक का स्वामी ग्रह होता है। स्वामी ग्रह उस घंटे का स्वभाव तय करता है — कार्य के अनुकूल स्वामी वाला घंटा चुनें।

शुक्ल अष्टमी · मंगल

00061218रोग · 05:23 – 07:07उद्वेग · 07:07 – 08:51चल · 08:51 – 10:35लाभ · 10:35 – 12:19अमृत · 12:19 – 14:03काल · 14:03 – 15:47शुभ · 15:47 – 17:31रोग · 17:31 – 19:15लाभ · 19:15 – 20:31उद्वेग · 20:31 – 21:47शुभ · 21:47 – 23:03अमृत · 23:03 – 00:19चल · 00:19 – 01:35रोग · 01:35 – 02:51काल · 02:51 – 04:07लाभ · 04:07 – 05:23रोग · 05:23 – 07:07काल · 07:07 – 08:51लाभ · 08:51 – 10:35उद्योग · 10:35 – 12:19चल · 12:19 – 14:03अमृत · 14:03 – 15:47शून्य · 15:47 – 17:31शुभ · 17:31 – 19:15काल · 19:15 – 20:31शून्य · 20:31 – 21:47रोग · 21:47 – 23:03लाभ · 23:03 – 00:19अमृत · 00:19 – 01:35उद्योग · 01:35 – 02:51चल · 02:51 – 04:07शुभ · 04:07 – 05:23ब्रह्म मुहूर्त · 04:02 – 04:42अभिजित मुहूर्त · 11:51 – 12:47अमृत काल · 18:01 – 19:45राहु काल · 15:47 – 17:31यमगण्ड काल · 08:51 – 10:35गुलिक काल · 12:19 – 14:03वर्ज्यम् · 07:36 – 09:20मंगल · 05:23 – 06:32सूर्य · 06:32 – 07:42शुक्र · 07:42 – 08:51बुध · 08:51 – 10:00चंद्र · 10:00 – 11:10शनि · 11:10 – 12:19गुरु · 12:19 – 13:28मंगल · 13:28 – 14:38सूर्य · 14:38 – 15:47शुक्र · 15:47 – 16:56बुध · 16:56 – 18:06चंद्र · 18:06 – 19:15शनि · 19:15 – 20:06गुरु · 20:06 – 20:56मंगल · 20:56 – 21:47सूर्य · 21:47 – 22:38शुक्र · 22:38 – 23:28बुध · 23:28 – 00:19चंद्र · 00:19 – 01:09शनि · 01:09 – 02:00गुरु · 02:00 – 02:51मंगल · 02:51 – 03:41सूर्य · 03:41 – 04:32शुक्र · 04:32 – 05:23

3 जून

दैनिक पंचांग

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07

दिन के समय

8·1 घं 44 मि
05:23
07:07
08:51
10:35
12:19
14:03
15:47
17:31

रात के समय

8·1 घं 16 मि
19:15
20:31
21:47
23:03
00:19
01:35
02:51
04:07
04:0204:42
11:5112:47
18:0119:45
15:4717:31
08:5110:35
12:1914:03
07:3609:20

दिन के घंटे

12·1 घं 9 मि
05:23
06:32
07:42
08:51
10:00
11:10
12:19
13:28
14:38
15:47
16:56
18:06

रात के घंटे

12·51 मि
19:15
20:06
20:56
21:47
22:38
23:28
00:19
01:09
02:00
02:51
03:41
04:32

लाहिरी अयनांश और दृक् गणित (वास्तविक स्थिति) पद्धति से गणना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 जून 2025 की तिथि क्या है?
3 जून 2025 की तिथि शुक्ल अष्टमी है।
3 जून 2025 का नक्षत्र क्या है?
3 जून 2025 का नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी और योग हर्षण है।
3 जून 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
दिल्ली में सूर्योदय 05:23 पर तथा सूर्यास्त 19:15 पर होगा।
3 जून 2025 को राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल 15:47–17:31 के बीच रहेगा। इस दौरान महत्त्वपूर्ण नए कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।